ब्रेकिंग न्यूज- -नाले का प्रदूषण कम करने में अभी तक कुछ नहीं हुआ- संत सीचेंवाल ई न्यूज पंजाब, लुधियाना एनजीटी की टीम द्वारा बुड्ढे नाले में प्रदूषण की समस्या को लेकर लुधियाना का दौरा किया गया। उक्त टीम ने शहर में आधा दर्जन के करीब ऐसी फैक्टरियों में से पानी के सैंपल भी लिए, जो अभी किसी सीईटीपी की मैंबर नहीं है और अपने ईटीपी के जरिए पानी को ट्रीट करती है। इनमें चीमा चौक स्थित ओम प्रोसेसर, सनसाइन डाइंग व ओरिएंटल डाइंग और बस्ती जोधेवाल के नजदीक स्थिम रमल डाइंग शामिल हैं। डाइंगों की जांच मे उक्त टीम ने जहां इनके ईटीपी चैक किए, वहीं इनसे निकलने वाली स्लज का भी ब्यौरा लिया। इसके बाद उक्त टीम ने इन डाइंगों से पानी के सैंपल भरे। जानकारी मुताबिक मौके पर सभी डाइंगों के ईटीपी चलते पाए गए हैं। चेयरमैन जस्टिस जसबीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम, जिसमें पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सींचेवाल भी शामिल थे, ने जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सर्कट हाउस में करीब दो घंटे बंद कमरा बैठक भी की। उन्होंने पराली जलाए जाने पर भी चिंता जाहिर की।जस्टिस जसबीर सिंह ने बताया कि बैठक में वातावरण से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई। खासतौर पर नाले में गिराए जाने वाले पानी की सफाई हेतु लगे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपीज) के काम करने, उनकी क्षमता पर भी विचार हुआ। कानून दरियाओं को प्रदूषित करने की इजाजत नहीं देता। बुड्ढे नाले में प्रदूषित पानी गिराने रोकने को 1,000 करोड़ रुपए की लागत से एसटीपीज की क्षमता बढ़ाई जाएगी और अतिरिक्त वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगेंगे। 31 मार्च, 2020 तक टैंडर लगेंगे और 31 मार्च, 2021 तक काम पूरा होगा। पराली को लेकर बैठक में चर्चा तो नहीं हुई, लेकिन यह गंभीर समस्या है। पंजाब सरकार ने इस पर काम किया है। किसानों को पैसे मिलें, तो शायद वे जलाना बंद कर दें, क्योंकि पराली जलने से 150 मिलियन टन कार्बोनडाइआक्साइड हवा में जाती है। फैक्टरियों से लिए पानी के सैंपलों की जांच होगी और रिपोर्ट नेगेटिव आने पर कार्रवाई होगी। हालांकि इनमें ईटीपी लगे थे, जो पता नहीं कब चल रहे थे। संत बलबीर सिंह सींचेवाल ने बताया कि बुड्ढे नाले से प्रदूषण खत्म करने को अभी तक कुछ नहीं हुआ। अब 1,000 करोड़ रुपए से प्रोजैक्ट शुरू होंगे, तो फिर पता चलेगा। इससे पहले नामधारी संप्रदाय भी नाले में प्रदूषण गिरना रुकने कारण काम नहीं कर सका था, क्योंकि सफाई का कोई नहीं फायदा, जब गंदगी गिरती रहेगी। पराली को लेकर कोर्ट के सरकारों व चीफ सैक्रेटरियों को आदेशों पर किसानों को 2,500 रुपए मिले, जिन्हें राहत देने की प्रशासन से मांग पहले से की जा रही थी, लेकिन तब कार्रवाई नहीं हुई और आधी से ज्यादा पराली न जलती। जबकि बुड्ढे नाले पर आने वाले समय में एनजीटी महीनावार मोनिटरिंग करेगी। इस अवसर पर एनजीटी मेंबर व पीपीसीबी के पूर्व मेंबर सेक्रेटरी बाबू राम, डिप्टी कमिश्नर प्रदीप अग्रवाल, निगम कमिश्नर केपी बराड़, पीपीसीबी के चीफ इंजीनियर गुलशन राय, एसई संदीप बहल, निगम एसई राजिंदर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
NGT team visits Ludhiana