ई न्यूज पंजाब, लुधियाना शहर के एक नामी घराने ने एक मंदिर के पुजारी के साथ ही लाखों रुपए की ठगी कर डाली। पंडित की शिकायत पर माल रोड पर फव्वारा चौक के समीप बने माता के मंदिर के पुजारी विजय शर्मा की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस ने माडल टाउन एक्सटेंशन 75 बी निवासी रजनीश वात्सा व सानिया वात्सा पर 42 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज किया है। ये दोनों कारोबारी दंपति बहादुर के रोड स्थित जौली क्रिएशंस के मालिक रजनीश वात्सा व डायरेक्टर सानिया वात्सा हैं। बताया जाता है कि इस कारोबारी दंपति की पुलिस में अच्छी सेटिंग थी, इसलिए पुजारी विजय शर्मा को भी अच्छी राजनीतिक पकड़ का इस्तेमाल करना पड़ा और मौजूदा विधायकों की मदद से ही ये एफआईआर दर्ज हो पाई है। पुलिस एफआईआर मुताबिक विजय शर्मा की ओर से साल 2010 2011 में दो किश्तों में रजनीश वात्सा व उनकी पत्नी को 21-21 लाख रुपए मात्र एक फीसदी के ब्याज पर दिए गए और इसके बाद ये दंपति जनवरी 2020 तक हर महीने 42 हजार रुपए का बतौर ब्याज भुगतान करता रहा और इसके बाद ये अदायगी बंद कर दी। जब कुछ महीनों तक इस अदायगी में पुजारी के साथ टालमटोल होता रहा तो विजय शर्मा को अपनी मूल राशि का खतरा पैदा हो दिखा और इसके बाद से वे लगातार पुलिस के पास पहुंच अपनी फरियाद सुनाता रहा। लेकिन जब कोई सुनवाई न हुई तो माल रोड फव्वारा चौक रानी झांसी रोड स्थित इस मंदिर में माथा टेकनें आने वाले कुछ मौजूदा विधायकों को अपनी ये पूरी कहानी सुनाई, जिसके बाद उनकी मदद से पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की गई। -------- एफआईआर में पुजारी ने बताया किस तरह उसे दंपति कारोबारी ने फंसाया अपने जाल में पुलिस को दिए गए बयान में पुजारी विजय शर्मा ने बताया कि उनके मंदिर ये दंपति परिवार लंबे समय से आता था और कभी कुंडली तो कभी कोई उपाय करवाने के चलते पुजारी विजय शर्मा का उनकी कोठी व इंडस्ट्री में आना जाना हो जाता था। इसके चलते मैं और मेरा परिवार दंपति कारोबारी के काफी नजदीक हो गया। इसी नजदीकी के चलते पंडित विजय शर्मा भी अपने बेटे को किसी कारोबार में सेट करने के लिए दंपति कारोबारी से बातचीत करते रहते थे। दंपति कारोबारी को पुजारी ने बताया हुआ था कि बच्चे को सैट करने के लिए उसने अपने जीवन की जमा पूंजी जोड़ रखी है। लेकिन साल 2010 में दंपति कारोबारी ने पुजारी को अपने जाल में फंसाने के लिए अपने कारोबार संबंधी रोना धोना शुरु कर दिया और पुजारी से कर्ज में पैसे दिलाने की बात रखी। पुजारी का कहना था कि वे कहां व किससे ये पैसे अरेंज करके दे, इस बीच उसने अपने पास पडे़ लाखों रुपए जो उसने अपने बेटे को सैट करने के लिए रखे थे, वे 42 लाख दो किश्तों में उन्हें दे दिए। जिसके एवज में उन्हें एक फीसदी ब्याज हर महीने अदा करने लगा। अब साल 2020 के बाद जब रजनीश वात्सा ने ब्याज देना बंद कर दिया तो पुजारी अपने मूल पैसों के लिए दंपति परिवार के चक्कर काटने लगा। इसके बाद उसे पैसे मिलने दूर ब्लकि उसे धमकाना शुुरु कर दिया। जिसके बाद राजनीतिज्ञों की मदद से पुजारी ने पुलिस कमिश्नर के समक्ष पेश हो पूरी व्यथा बताई, जिसके बाद इस मामले में इंक्वायरी के बाद थाना डिवीजन आठ ने एफआईआर दर्ज की।
Fraud Of Lakhs With The Priest Of The Temple Fir On The Owner And Director Of Jolly Creations