यशपाल शर्मा, लुधियाना पिछले करीब 4 महीनों से टेंडर ट्रांसपोर्ट घोटाले में फरार चल रहे पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के पीए (ऑफिशियल नहीं) इंदरजीत सिंह इंदी ने आज विजिलेंस ब्यूरो ऑफिस में सरेंडर कर दिया। गौर हो कि विजिलेंस की ओर से इंदरजीत सिंह इंदी को भगोड़ा करार करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है और 4 जनवरी को इस मामले में कोर्ट की ओर से उसे भगोड़ा करार किया जाना था। बड़ी बात है कि इंदरजीत सिंह की सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका खारिज हो गई थी और उसके पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई दूसरा रास्ता बचता नहीं दिखाई दे रहा था। इससे 10 दिन पहले पूर्व मंत्री आशु के पीए (ऑफिशियल नहीं) पंकज मीनू मल्होत्रा की ओर से भी विजिलेंस के समक्ष सरेंडर कर दिया था और उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद अब ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पंकज मीनू मल्होत्रा की ओर से अपने पुलिस रिमांड में भारत भूषण आशू के किन किन मामलों का खुलासा किया गया है, यह अभी तक विजिलेंस ने साफ नहीं किया है। फरारी दौरान पूर्व मंत्री आशु की कोठी से लेकर गए बैग चर्चा में। विजिलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में साफ किया गया है कि जब इंद्रजीत सिंह इंदी फरार हुए उस दिन उन्होंने पूर्व मंत्री आशु की मॉडल ग्राम स्थित कोठी से एक बैग साथ लेकर गए थे । बताया जाता है कि इस बैग में पूर्व मंत्री से संबंधित कई सबूत हो सकते हैं, जिन्हें छिपाने को इंदी यह बैग लेकर फरार हो गया। इंदी जब विजिलेंस ऑफिस पहुंचा तुम उसके हाथ में किसी भी तरह का बैग नहीं था। ऐसे में विजिलेंस की जांच के दायरे में आते ही उससे होने वाली पूछताछ का पहला सवाल यही बैग रहेगा। उस बैक का उसने क्या किया और उस बैग में क्या क्या था। इंदरजीत सिंह का नगर निगम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, ग्लाड़ा और अन्य सरकारी विभागों में बड़ा दबदबा था और अधिकतर अधिकारी इंदी के इशारा मात्र से ही काम कर देते थे, क्योंकि इंदी के इशारे को पूर्व मंत्री का ही इशारा समझा जाता था।
Inderjeet Singh Indi Surrender In Vigilance Office