ई न्यूज पंजाब, लुधियाना इंद्रजीत सिंह इंदी की ओर से सरेंडर करने के साथ अब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम की भी मुसीबतों में इजाफा हो सकता है। जहां विजिलेंस ब्यूरो की ओर से फिलहाल फूड एंड सप्लाई के पूर्व मंत्री रहे भारत भूषण आशू जिन पर बहु करोड़ी टेंडर ट्रांसपोर्ट घोटाले के आरोप लग रहे हैं, के मामले में इंदी से पूछताछ की जा रही है, तो आगे चलकर जल्द विजिलेंस ईओ विंग से भी उनका बुलावा आ सकता है। आज इंद्रजीत सिंह हिंदी को सीजेएम सुमित कक्कड की अदालत में पेश किया गया। जहां कोर्ट की ओर से इंदी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। विजिलेंस ने हिंदी के लिए 5 दिन का पुलिस रिमांड मांगा था लेकिन इंदी पक्ष से आए वकील परोपकार सिंह घुम्मन की ओर से एतराज किए जाने पर केवल 3 दिन का ही रिमांड दिया गया। इस दौरान कोर्ट में एडवोकेट घुम्मन की ओर से इंदी के साथ विजिलेंस की ओर से थर्ड डिग्री टॉर्चर किए जाने का मामला भी जज के समक्ष उठाया गया जबकि इस बारे में विजिलेंस का कहना था कि आरोपी कोर्ट में खड़ा है और उसका मेडिकल साथ में लगा है तो थर्ड डिग्री टॉर्चर जैसा कुछ नहीं है। वही इस दौरान इंदी की ओर से काला बैग जिसे वे साथ लेकर फरार होते सीसीटीवी में दिखाई दिए था, उसको लेकर भी बहस हुई। विजिलेंस का कहना था कि इस बैग में पूर्व मंत्री आशू से संबंधित अहम प्रॉपर्टी के दस्तावेज और ज्वेलरी थी। जबकि एडवोकेट घुम्मन का कहना था कि अगर बैग में प्रॉपर्टी के दस्तावेज थे तो वह किसी सरकारी रजिस्टर या विजिलेंस की जांच में भी पकड़े जाने चाहिए थे, जो अभी तक नहीं पकड़े गए। जबकि उनका कहना था कि उस बैग में केवल इंदी के कपड़े थे। विजिलेंस इंदी की पत्नी के इंतजार में थी, जो आज विजिलेंस ऑफिस पहुंची थी। जिसके बाद विजिलेंस की ओर से इंदी की कृष्ण नगर की कोठी में सर्च की गई और उसके घर में पड़े दस्तावेजों को खंगाला गया। इसके साथ-साथ विजिलेंस इंदी के बैंक अकाउंटस और लॉकर्स का भी हिसाब किताब लेकर में जुटी हुई है। सूत्र बताते हैं कि इंदी की भी नगर निगम के दायरे में कई प्रॉप्टीज आती हैं और विजिलेंस की ओर से इसका रिकॉर्ड करीब 2 महीने पहले निगम से मांगा गया था, लेकिन नगर निगम की कुछ अहम सीटों पर पूर्व मंत्री के नज़दीकियों का बैठे होने के चलते इन प्रॉपर्टीज का खुलासा नहीं होने दिया गया था। --------------------- इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर निगम में बड़े कारनामों को अंजाम दिया इंदी ने। बात करें पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के खासम खास और पीए के तौर पर पहचान बनाने वाले इंद्रजीत सिंह इंदी की तो उसका इस्तेमाल खासकर नगर निगम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से संबंधित कामों के लिए किया गया। भारत भूषण आशू के प्रति उसकी वफादारी के चलते ही उसे इस बार नगर निगम के चुनाव में भी बतौर उम्मीदवार उतारने की तैयारी थी। इतना ही नहीं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में भले ही चेयरमैन का जिम्मा रमन बालासुब्रमण्यम को सौंपा गया था, लेकिन मंत्री आशु के घर से आने वाले कामों को करवाने के लिए इंदी की पूरी इंवॉल्वमेंट ट्रस्ट में रहती थी। बताया जाता है कि कई ऐसे प्लॉट जिनकी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से रजिस्ट्री करवाने में बड़ा पेच था और और ऐसे करोड़ों की कीमत वाले प्लाट आधे से भी कम रेट पर बिकने को उपलब्ध रहते थे। इन कामों को इंदी के जरिए ही अंजाम तक पहुंचाया गया । जिसमें कुछ प्लॉट आदर्श सोसाइटी और सराभा नगर के संबंधित थे। सूत्र बताते हैं कि इन प्लॉटों की रजिस्ट्री करवाने में जहां गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, वहीं करोड़ों रुपए की रिश्वत भी इन कामों में ली गई। इतना ही नहीं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और नगर निगम में सड़कों और पार्कों के कॉन्ट्रैक्ट भी भी अपने चहेते ठेकेदारों को दिलवाने में इंदी की अफसरों से खास सेटिंग में दबदबा रहता था। इसमें पूर्व मंत्री के चहेते ठेकेदारों को काम भी कम लैस पर धड़ल्ले से दिलाए गए और इन कामों को अंजाम देने के लिए कईयों को डराया धमकाया भी गया। इसके साथ-साथ नगर निगम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की हद में कई बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनवाने में भी सीधे तौर पर कई बार इंद्रजीत सिंह इंदी का ही नाम सामने आता था। ऐसे में एक बात साफ है कि जहां फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो की ओर से इंदी से पूछताछ का सिलसिला जारी है तो वहीं दूसरी ओर जल्द विजिलेंस ईओ विंग भी ट्रस्ट से संबंधित मामले में इंदी को अपने पास बुला सकता है।
Inderjeet Singh Indi 3 Days Police Remand