यशपाल शर्मा, लुधियाना ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू के पीए इंद्रजीत सिंह इंदी को आज जुडिशयल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विजिलेंस की ओर से आज फिर से इंदी के पुलिस रिमांड की मांग जज के समक्ष की गई थी, लेकिन कोर्ट ने उसे जुडिशयल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस की एफआईआर में जिस बैग को लेकर इंद्रजीत सिंह इंदी पूर्व मंत्री की कोठी से फरार होता सीसीटीवी फुटेज पर दिखाई दिया था वह बैग वकीलों के मार्फत विजिलेंस तक पहुंच गया है। यह बैग पूरी तरह खाली है और इसमें किसी भी तरह के दस्तावेज या ज्वेलरी बरामद नहीं हुई है। भले ही विजिलेंस ने इंदी का 3 दिन का पुलिस रिमांड कोट से हासिल लिया, लेकिन इसके बावजूद इस पड़ताल में कोई बड़ा खुलासा ना होने की भी बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में अब सवाल खड़ा यह होता है कि अगर इंदी के पास विजिलेंस को बताने के लिए कुछ नहीं था तो वह 3 महीने के करीब एफआईआर दर्ज होने के बाद फरार क्यों रहा। जिस बैग को लेकर वे चर्चा में बना था उस बैग की बरामदगी और और उसमें जिन अहम दस्तावेजों की बातें उड़ती रही है, वह कहां गायब हो गए। इंदी कृष्णा नगर में एक कोठी में रहता था और एक i20 गाड़ी उसने 10 लाख रुपए में खरीदी थी। इंदी ने यह दोनों ही चीजें हैं लोन के जरिए खरीदे होने का दावा किया था। बताया जाता है कि इंदी की ओर से उसे हर महीने ₹40000 की सैलरी पूर्व मंत्री आशू से मिलने की बात विजिलेंस को बताई गई थी लेकिन ₹40000 में इंदी किस तरह से अपने परिवार और किस्तों का निपटारा करता था, यह विजीलेंस की पूछताछ का केंद्र रहा। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि इंदी की फूड सप्लाई डिपार्टमेंट में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर तैनात सिंगला के साथ भी मोबाइल पर बातें होती थी। इसके अलावा विजिलेंस ने एक बार फिर से नगर निगम इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और ग्लाडा से इंद्रजीत सिंह इंदी के नाम से संबंधित प्रॉपर्टीज का ब्यौरा मांगा है।
Inderjeet Indi Sent On Judicial Remand