पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बेअदबी से जुड़े कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच में तेज कर दी है। इस मामले में ADGP एलके यादव की अगुवाई में बनी SIT ने पूर्व ADGP रोहित चौधरी, पूर्व DIG आरएस खटड़ा और उस समय के CM प्रकाश सिंह बादल के प्रमुख सचिव गगनदीप बराड़ को तलब किया है। इन तीनों को चंडीगढ़ के सेक्टर 32 में एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। बड़ी बात है कोटकपूरा में ये मामला साल 2015 में पेश आया था और अब करीब आठ साल बाद इस मामले में अब आम आदमी पार्टी की सरकार में ये मामला पूर्व बादल सरकार के गले की फांस बनता दिखाई दे रहा है।चालान के मुताबिक, तत्कालीन IG परम राज उमरानंगल, डीआईजी अमर सिंह चहल, एसएसपी चरणजीत सिंह को आरोपी बनाया गया है। एसएसपी सुखमंदर सिंह मान को साजिश को छिपाने के साथ-साथ तथ्यों को छिपाने का आरोपी बनाया गया है। SHO गुरदीप सिंह को भी तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा कोटकपूरा के पूर्व विधायक मनतार सिंह बराड़ को भी आरोपी बनाया गया है। इसी मामले में SIT कोर्ट में 7 हजार का पेज की चार्जशीट पेश कर चुके है। जिसमें पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल और पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को मास्टरमाइंड करार दिया गया है। इसमें पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की तरफ से पेश चार्जशीट के मुताबिक बेअदबी की सिलसिलेवार हुई तीन घटनाओं में लापरवाही को छिपाने के लिए तत्कालीन गृह मंत्री सुखबीर बादल और DGP सुमेध सैनी ने गैरकानूनी ताकत इस्तेमाल करने की साजिश रची। तत्कालीन सीएम प्रकाश सिंह बादल को भी इस साजिश में मदद करने का आरोपी बनाया गया है।
Sit Summons Former Cm Badal Principal Secretary Brar Former Adgp And Dig In Kotkapura Shootout