चंडीगढ़। वारिस पंजाब दे का मुखी खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह राजस्थान में छिपा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हनुमानगढ़ जिले में संगरिया इलाके के एक गांव में उसके छिपे होने की जानकारी मिली है। यह इनपुट मिलते ही राजस्थान पुलिस ने हनुमानगढ़ और उससे सटे चार अन्य जिलों- श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बीकानेर और बाड़मेर में सर्चिंग शुरू कर दी है। अमृतपाल 27 दिन से पंजाब पुलिस को चकमा दे रहा है। पंजाब पुलिस की टीमें भी राजस्थान पहुंची हैं। पुलिस अधिकारी अभी इसकी अधिक जानकारी नहीं दे रहे हैं। डीजीपी उमेश मिश्रा ने पुलिस मुख्यालय में एक ब्रीफिंग के दौरान सिर्फ इतना ही कहा कि हम कामयाबी के करीब हैं। पपलप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल के श्री हरमंदिर साहिब, श्री दमदमा साहिब या श्री आनंदपुर साहिब में सरेंडर करने की चर्चाएं चल रही हैं। इसके बाद से ही तीनों तख्तों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। अमृतपाल के मददगार गिरफ्तार पंजाब पुलिस ने होशियारपुर में अमृतपाल सिंह की मदद करने वाले दो भाइयों को अरेस्ट किया है। यह दोनों भाई राजपुरा भैणिया के रहने वाले हैं। इनकी पहचान हरदीप सिंह और कुलदीप सिंह के तौर पर हुई है। इन दोनों भाइयों ने अमृतपाल सिंह को रहने की जगह दिलाने में मदद की थी। बटाला के बाद अमृतपाल सिंह के पोस्टर अटारी सरहद पर और अमृतसर रेलवे स्टेशन पर भी लगा दिए गए हैं। यह पोस्टर अमृतसर रेलवे स्टेशन के हर एंट्री गेट और प्लेटफॉर्म पर लगाए गए हैं। जिन पर सूचना देने वाले को उचित इनाम देने की बात लिखी गई है। इतना ही नहीं, पुलिस ने दो फोन नंबर 9872575156 और 8288075637 जारी किए हैं। जिन पर सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखने का भी आश्वासन दिया गया है। 18 मार्च से फरार है अमृतपाल अमृतपाल और पपलप्रीत सिंह 18 मार्च को फरार हुए थे, तभी से अमृतपाल के छिपने और भागने में पपलप्रीत मदद कर रहा था। अमृतपाल जिन लोगों के पास गया, वे सभी पपलप्रीत सिंह के करीबी थे। पपलप्रीत सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही अमृतपाल सिंह पर पुलिस दबाव बढ़ाती जा रही है। बीते दिनों उसके हैंडलर अवतार सिंह खंडा की मां मोगा निवासी चरणजीत कौर को हिरासत में लिया गया है। इसके साथ ही एक अन्य व्यक्ति को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। वहीं, होशियारपुर में अमृतपाल सिंह को 28-29 मार्च को पनाह देने वाले घर में भी पुलिस पहुंच चुकी है। इनपुट यह भी है कि अब वह अपनी साख बचाने के लिए 14 अप्रैल से पहले सरेंडर कर सकता है।
Amritpal Feared Hiding In Rajasthan Search Operation Started In Hanumangarh Sriganganagar As Soon As Input Is Received Dgp Said Close To Success