लुधियाना। पक्खोवाल रोड स्थित विकास नगर में शुक्रवार को एसीपी संदीप वड़ेरा की पत्नी की गाड़ी के नीचे दो साल के बच्चे की कुचलने से मौत हो गई। यही नहीं जब बच्चे को कुचला तो उसे ड्राइवर डिग्गी में डालकर वहां से फरार हो गया। जबकि लोगों को बिल्ली कार के नीचे आने की बात कही। जिसके बाद बच्चे को अस्पताल दाखिल कराया। जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। क्योंकि उनका कहना है कि पीड़ित परिवार ने शिकायत नहीं दी। अगर शिकायत नहीं भी दी तो पुलिस अपनी तरफ से भी एक्शन ले सकती थी। मगर अधिकारी की गाड़ी होने के चलते पुलिस कार्रवाई से बचती रही। जबकि एक दिन पहले पीड़ित परिवार का कहने था कि एसीपी की पत्नी की गाड़ी होने के चलते उनकी सुनवाई नहीं हो रही। जबकि उन्होंने कहा कि इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी डिलीट कर दी। मगर अब शनिवार को मामले में अधिकारियों के अलग अलग बयान सामने आए है। एक तरफ जहां एडीसीपी समीर वर्मा का कहना है कि पीड़ित परिवार प्रवासी होने के चलते कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि एसीपी संदीप वड़ेरा का कहना है कि उन्हें जब हादसे का पता चला तो तुरंत चौकी एसबीएस नगर की पुलिस को एक्शन लेने के आदेश दे दिए थे। जबकि उन्होंने ड्राइवर व कार को कब्जे में ले लिया था। जिससे जाहिर है कि बच्चे का परिवार गरीब होने के चलते मामले को दबा दिया गया। गली में खेल रहा था बच्चा जानकारी के अनुसार मरने वाला बच्चा दो साल का अनुराज है। वे शुक्रवार दोपहर को गली में खेल रहा था। इसी दौरान ड्राइवर एसीपी संदीप वड़ेरा की पत्नी को लेकर फॉरच्यूनर कार से जा रहा। उसने बच्चे को कुचल दिया। कार का टायर बच्चे के ऊपर से निकल गया। जिस कारण उसके सिर में चोटें आई। पुलिस ने पर्चे की जगह 174 धारा के तहत निपटाया मामला पुलिस ने मामले में पर्चा दर्ज करने की जगह धारा 174 के तहत कार्रवाई की। जिसका मतलब है कि मौत कुदरती हुई है। वैसे तो अगर किसी और व्यक्ति द्वारा ऐसे बच्चे को कुचला होता तो तुरंत पर्चा दर्ज होता। चाहें कोई शिकायत भी नहीं देता। क्योंकि अक्सर किसी केस में शिकायत न आने पर पुलिस अपनी तरफ से शिकयतकर्ता बनकर कार्रवाई करती है। अगर इस केस में भी शिकायत नहीं आई तो पुलिस अपनी तरफ से एक्शन ले सकती थी। पहले दिन परिवार ने कार्रवाई का कहा दबाव के बाद किया इंकार पहले दिन पीड़ित परिवार द्वारा खुद कार्रवाई कराने और अधिकारी की गाड़ी से कुचलने की बात कही। लेकिन रात को पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ मुलाकात की। जिसके बाद शनिवार को मामले में पीड़ित परिवार डर के कारण कुछ बोलने को भी राजी नहीं था। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पैसे देकर राजीनामा करवाने के चलते वे डर की वजह से कुछ नहीं बोल सके।
Acps Wifes Car Crushed Child Agreement Under Pressure Adcp Said Complaint Did Not Come Acp Said Action Was Ordered