चंडीगढ़। पंजाब के हजारों करोड़ ड्रग केस में सील बंद रिपोर्ट खोलने के बाद सीएम भगवंत मान ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने ड्रग तस्करी केस में पीपीएस राजजीत सिंह को नामजद करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्हें नौकरी से भी तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। सीएम मान ने इस संबंध में ट्वीट कर जानकारी दी है। सीएम मान ने राजजीत सिंह द्वारा चिट्टे की तस्करी से अर्जित संपत्ति का पता लगाने के लिए पंजाब विजिलेंस को जांच के आदेश भी दिए हैं। सीएम भगवंत मान ने बीते समय ड्रग रैकेट केस की सभी फाइलें तलब की थी। उसी समय कार्रवाई किए जाने की आशंका जताई गई थी। मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान भी पंजाब सरकार ने जल्द कार्रवाई करने के बारे में कहा था। STF ने की थी एसएसपी और इंस्पेक्टर की जांच हाईकोर्ट ने एसएसपी मोगा राजजीत सिंह समेत इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह से संबंधित मामले की जांच के आदेश STF को दिए थे। वहीं राजजीत सिंह ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा था कि STF प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू उनके मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकते हैं। DGP, ADGP और IG की SIT गठित हाईकोर्ट ने DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय, ADGP प्रभोद कुमार और IG कुंवर विजय प्रताप सिंह की SIT गठित कर जांच के आदेश दिए। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी थी, जबकि सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने 2 रिपोर्ट्स अलग से सीधे हाईकोर्ट को सौंपी, जो हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में थी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश पर तीनों रिपोर्ट्स के आधार पर कार्रवाई को तैयार बताया था। पंजाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट में रिपोर्ट के अनुसार, शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर लगे आरोपों पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाना बताया गया था। साल 2018 में हाईकोर्ट में सील बंद रिपोर्ट सौंपी ड्रग केस में फंसे मोगा के तत्कालीन SSP राजजीत सिंह और इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ DGP सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय की SIT ने जांच के बाद 2018 में हाईकोर्ट में सील बंद रिपोर्ट सौंपी थी। इसके अलावा सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय द्वारा एक अन्य रिपोर्ट भी सौंपी गई थी। ED ने बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ बताई थी गौरतलब है कि ED ने साल 2017 में अपनी रिपोर्ट में ड्रग रैकेट मामले में आरोपी शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की जरूरत बताई थी। ED की रिपोर्ट पर पंजाब STF ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा कि जांच में ऐसी कई ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनके तहत आगामी जांच की जरूरत है। हाईकोर्ट ने उस दौरान पंजाब सरकार से जवाब मांगा था। हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई पंजाब सरकार ने 23 मई 2018 को सील बंद रिपोर्ट पर अपना ओपिनियन हाईकोर्ट को सौंपा था। साल 2021 में हाईकोर्ट ने इस पर कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। इसके बाद बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ 20 दिसंबर 2021 को मोहाली में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। मजीठिया इस मामले में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर हैं।
Cm Manns Action In Punjab Drugs Case Orders Sacking Of Pps Rajjit Singh Probe Handed Over To Vigilance