चंडीगढ़। लुधियाना में आप अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल व सीएम भगवंत मान के लुधियाना दौरे के कौरान एक नेशनल चैनल की रिपोर्टर भावना किशोर, ड्राइवर परमिंदर व कैमरामैन मृत्युंजय को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। इस मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में ड्राइवर व कैमरामैन की अंतरिम बेल पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने कैमरामैन मृत्युंजय और ड्राइवर परमिंदर को अंतरिम जमानत दे दी। जबकि भावना को पहले ही अंतरिम जमानत मिल चुकी है। सुनवाई में अदालत ने बार बार पुलिस से पूछा कि आखिर कैमरामैन व ड्राइवर को जेल भेजने का क्या कारण है। अदालत ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर गलत की है। जिसमें लगाई गई धाराएं केस के तीनों आरोपियों भावना, कैमरामैन मृत्युजंय व ड्राइवर परमिंदर पर नहीं बनती। इस मामले में कोर्ट ने पंजाब सरकार से 10 दिन में जवाब मामला है। जस्टिस ने छोड़ा केस, चीफ जस्टिस करेगें सुनवाई इस मामले को पहले हाईकोर्ट में जस्टिस दीपक सिब्बल द्वारा देखा जा रहा था। मंगलवार को उन्होंने केस की सुनवाई न करने की बात कह केस को छोड़ दिया। जिसके बाद अब चीफ जस्टिस इस केस की सुनवाई करेगें। एडवोकेट जनरल व डिप्टी एजी कर रहे केस की पैरवी वहीं टाइम्स नाऊ की टीम का कहना है कि आप मुखी अरविंद केजरीवाल व पंजाब सरकार ने केस को मजबुत करने व जमानतें रोकने को पूरी ताकत लगा रखी है। जिसके चलते इस रोडरेज मामले की पैरवी एडवोकेट जनरल नीतिन घई व डिप्टी एडवोकेट जनरल द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक मामुली से मामले के लिए एजी व डिप्टी एजी लगाने से साफ जाहिर है कि आप सरकार अपनी पूरी ताकत लगाए हुए है।
High Court Reprimanded In Reporter Bhavna Case Said Fir Wrong Ordered Punjab Government To Submit Report Justice Deepak Sibal Left The Case