मोहाली। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी गुरमीत सिंह को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा शुक्रवार को जमानत दी गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमन इंदर सिंह संधू की अदालत ने उसे 2-2 लाख रुपए के 2 मुचलकों पर बेल दी। एडवोकेट जसपाल सिंह मांजपुर और दिलशेर सिंह जंडियाला ने कोर्ट में तर्क देते हुए उन सभी दोषियों के उदाहरण दिए, जिन्होंने अपनी उम्रकैद की सजा पूरी कर ली और उन्हें कोर्ट द्वारा नियमित जमानत पर रिहा भी कर दिया गया। बता दें कि इससे पहले, एक अन्य दोषी लखविंदर सिंह उर्फ लाखा को मई में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल से जमानत पर रिहा किया गया था। 27 साल पहले पूरी कर चुका सजा मिली जानकारी के अनुसार, गुरमीत 27 साल से अधिक समय से सलाखों के पीछे है। वर्तमान में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद गुरमीत ने इस आधार पर रिहाई मांगी कि वह जेल में 27 साल पहले ही पूरी कर चुका है। उसने तर्क दिया कि उनके साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि 14 साल की सजा पूरी होने पर कई अन्य आजीवन कारावास के दोषियों को रिहा कर दिया गया था। जुलाई 2007 में सुनाई गई थी सजा गुरमीत सिंह 1995 से सलाखों के पीछे सजा काट रहा है। 27 मई 2007 को बेअंत सिंह हत्या मामले में बलवंत सिंह, जगतार सिंह तारा के साथ नसीब सिंह, शमशेर सिंह, गुरमीत सिंह, लखविंदर को CBI की विशेष अदालत ने दोषी करार दिया था। एक अन्य आरोपी को बरी किया था। 31 जुलाई को बलवंत सिंह, जगतारा सिंह को मौत की सजा सुनाई गई। शमशेर सिंह, गुरमीत सिंह, लखविंदर को उम्रकैद और नसीब को 10 साल की सजा मिली।
Former-Punjab-Cms-Killer-Got-Bail-Was-In-Jail-For-27-Years-Was-Sentenced-To-Life-Imprisonment-In-Beant-Singh-Murder-Case