फरीदकोट। फरीदकोट स्थित बाबा दयालदास हत्याकांड में रिश्वत मांगने के मामले में कोटकपूरा सदर थाने में दर्ज 17 पेज की FIR की कहानी बता रही है कि मुख्य आरोपी को बचाने के लिए पहले भी 1 करोड़ रुपए रिश्वत ली गई थी। अब मुख्य आरोपी को दोबारा मुकदमे में शामिल करने के लिए SIT ने 50 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। हालांकि विजिलेंस की जांच के बाद फरीदकोट के एसपी गगनेश कुमार, डीएसपी सुशील कुमार, SI खेमचंद्र पराशर व दो अन्य आरोपियों को नामजद कर लिया गया है। फरीदकोट कचहरी के वरिष्ठ वकील जसवंत जस ने बताया कि बाबा दयाल दास की हत्या उपरांत कोटकपूरा सदर पुलिस ने मोगा निवासी जरनैल सिंह व दो अज्ञात आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था, परंतु जरनैल सिंह को पकड़ा नहीं जा सका। जरनैल सिंह ने खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए लगाई अर्जी उसके बाद जरनैल सिंह द्वारा खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए अर्जी लगाई गई। जिस पर तत्कालीन DIG फरीदकोट के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। जिसने अपनी जांच में जरनैल सिंह को बाहर कर दिया। इसके बाद जब पुलिस ने चालान पेश किया तो बाबा गगनदास ने कोर्ट में पेश होकर हत्या का मुख्य आरोपी जरनैल सिंह को बताया। जिसके बाद अदालत ने जरनैल सिंह को तलब किया और फिर जरनैल सिंह जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गया। जिस पर हाईकोर्ट ने पाया कि जो कत्ल का मुख्य आरोपी है, उसे SIT ने बेगुनाह कैसे जांच में पाया, जिसके बाद हाईकोर्ट द्वारा मौजूदा IG फरीदकोट को SIT का गठन कर जांच के आदेश दिए गए। IG को देनी होगी 50 लाख रिश्वत SIT की जांच में खुलासा हुआ कि जरनैल सिंह को हत्या के मुकदमे से बाहर करने के लिए एक करोड़ रुपए रिश्वत लिए गए। अब SIT को हाईकोर्ट में एक हलफिया बयान देना था कि जरनैल सिंह को आरोपी रखा जाए या नहीं। इसके लिए SIT के सदस्यों ने बाबा गगनदास से संपर्क कर कहा कि यदि जरनैल सिंह को मुकदमे में शामिल करना है तो IG को 50 लाख रुपए रिश्वत देनी होगी। 35 लाख रुपए में तय हुआ सौदा क्योंकि जब जरनैल सिंह ने मुकदमे से बाहर होने के लिए 1 करोड़ रुपए रिश्वत दी है तो उसे मुकदमे में शामिल करने के लिए 50 लाख रुपए रिश्वत तो देनी पड़ेगी। इसके बाद यह सौदा 35 लाख रुपए में तय हुआ, जिसमें से 20 लाख रुपए बाबा गगनदास ने दे भी दिए। एडवोकेट जस ने कहा कि ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि जब मौजूदा SIT की जांच में पूर्व की SIT द्वारा जरनैल सिंह को कत्ल केस से बाहर निकालने के लिए 1 करोड़ रुपए रिश्वत ली गई और मौजूदा IG के नाम पर 50 लाख रुपए मांगे गए, जिसकी पुष्टि बाबा गगनदास द्वारा की जा रही है तो बड़े अधिकारियों को मुकदमे में शामिल करने की जगह छोटे अधिकारियों को ही बलि का बकरा क्यों बनाया जा रहा है।
Disclosure-In-Faridkot-Sp-Dsp-Bribery-Case-Rs-1-Crore-Was-Taken-Earlier-Also-Now-50-Lakhs-Were-Demanded-In-Return-For-Involving-The-Accused-In-The-Investigation