फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट टेंडर घोटाला और लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले को लेकर एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट की छापामारी भले ही वीरवार शाम को खत्म हो गई, लेकिन अब इस मामले में कई सरकारी अफसरों के साथ-साथ कई लोगों की सांसे बढ़ने वाली हैं। बताया जाता है कि ईडी की जांच में 100 से अधिक लोगों की सूची दोनों मामलों में तैयार की जा चुकी है और इस सर्च के बाद शक के दायरे में आने वाले इन लोगों को सम्मन कर जालंधर ईडी ऑफिस में बुलाने का सिलसिला भी जल्द शुरू होने वाला है। वीरवार को एनफोर्समेंट की छापामारी में पांच कांग्रेसी नेता, तीन ऑफिसर और चार ठेकेदार के ठिकानों पर हुई दबिश के बाद ईडी के हाथ करीब 3.50 करोड़ के आसपास की नगदी बरामद की गई है और उसके साथ-साथ करोड़ों रूपए की प्रॉपर्टीज के दस्तावेज हाथ लगे बताए जा रहे है। ईडी के बाद अब इनकम टैक्स भी कर सकती है सर्च। ईडी की इस छापामारी के बाद अब इनकम टैक्स भी इस पूरे स्कैम में एंट्री कर सकती है और जल्द वे भी आरोपियों के ठिकानों पर सर्च कर सकती है। ऐसे में विदेश के चक्कर काटने वाले या अपने बच्चों को विदेश भेजने वाले आरोपियो को बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। जहां इस पूरे मामले में ईडी मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी तो वहीं इनकम टैक्स आमदन से अधिक खर्च और बाकी आमदन के सोर्स के पड़ताल कर सकता है। ---- जहां विजिलेंस नहीं पहुंची वहां पहुंचेगी ईडी। विजिलेंस की फूड सप्लाई डिपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में जहां विजिलेंस ब्यूरो और विजिलेंस का इकोनामिक विंग नहीं पहुंचा वहां पर अब दस्तक दे सकती है। इसका बड़ा कारण है कि विजिलेंस को कई मामलों में जांच के लिए अहम दस्तावेज जुटाने में बड़ी समस्या फेस करनी पड़ती है। स्टेट विजिलेंस के लिए कभी कभार उच्च पुलिस अधिकारियों और नेताओं की सिफारिश भी कार्रवाई में बड़ा आडंगा बन जाती है, लेकिन वही ईडी के मामले में ऐसा होने के बहुत कम चांस रहते है। वहीं विभिन्न डिपार्टमेंट से ईडी को जांच में जरूरी सभी दस्तावेज एक क्लिक में प्राप्त हो जाते हैं। यही कारण है कि ईडी की जांच में आना एक बड़ी समस्या माना जाता रहा है।
List-Of-More-Than-100-People-Under-Ed-Investigation-Ed-Got-More-Than-3-Crore-Cash-In-Search