बठिंडा लैंड अलॉटमेंट केस में फंसे पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा नेता मनप्रीत बादल आज विजिलेंस ब्यूरो के सामने पेश हुए। कमर दर्द के कारण से पूर्व वित्त मंत्री ने कमर पर बेल्ट लगा रखा था।विजिलेंस ने पूछताछ करने के लिए कई सवाल तैयार किए हुए हैं। थोड़ी ही देर में मनप्रीत बादल से विजिलेंस की टीम पूछताछ शुरू करेगी। बता दे कि विजिलेंस ने मनप्रीत बादल को दूसरी बार समन जारी किया। 31 अक्टूबर को विजिलेंस रेंज बठिंडा कार्यालय में पेश होने के आदेश दिया था। इससे पहले मनप्रीत बादल को 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन विजिलेंस की तरफ से जारी किया गया था, लेकिन पीठ दर्द होने का हवाला देकर वह पेश नहीं हुए। वहीं पीजीआई चंडीगढ़ की तरफ से एक सप्ताह तक बेड रेस्ट का सर्टिफिकेट अपने एडवोकेट और ईमेल के जरिए विजिलेंस ब्यूरो को जमा करवाया था। साथ ही मनप्रीत बादल ने हाईकोर्ट के आदेशों पर पासपोर्ट भी विजिलेंस को जमा करवा दिया था। क्या है पूर्व वित्त मंत्री पर दर्ज मामला पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल पर बठिंडा के विजिलेंस ब्यूरो थाने में फ्रॉड का केस दर्ज हुआ। विजिलेंस की जांच रिपोर्ट के मुताबिक मनप्रीत बादल ने वित्त मंत्री रहते 2018 से बठिंडा के माडल टाउन में 2 प्लाट हड़पने की साजिश रची। उन्होंने पुडा के अफसरों-कर्मचारियों से मिलीभगत कर इन प्लाटों की फर्जी बोली कराई। बोली के दौरान उनके नक्शे अपलोड नहीं किए, ताकि कोई लोकेशन न जान सके। वहीं रेजिडेंशियल प्लॉट को कॉमर्शियल दिखाया। जिस वजह से किसी ने इनको नहीं खरीदा। इसके बाद दोबारा बोली कराई गई। जिसमें मनप्रीत के करीबी विकास अरोड़ा और राजीव कुमार ने यह प्लाट खरीदे। सस्ते भाव में प्लाट खरीदने के बाद इन दोनों ने यह प्लाट आगे मनप्रीत बादल को बेच दिए। 2 प्लाट को सस्ते रेट पर बेचे जाने की वजह से सरकार को 68 लाख का नुकसान हुआ। विजिलेंस का दावा है कि पूरी प्लानिंग के तहत यह प्लाट मनप्रीत बादल के लिए अलॉट करवाने को पूरी साजिश रची गई।
Manpreet-Badal-Reached-Bathinda-Vigilance-Office-Belt-Was-Tied-On-His-Waist-Inquiry-Will-Be-Held-In-Land-Allotment-Case