अमृतसर। किसान और केंद्रीय मंत्रियों की चौथे दौर की बैठक के फैसले और सुझाव रिजेक्ट होने के बाद पंजाब के विपक्षीय दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साध दिया है। भाजपा व कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सीएम मान को बिचौलिया होकर सही कदम न उठाने के आरोप लगाए हैं। नेताओं ने कहा कि सीएम की वकालत में वार्ता का विफल होना तय था। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर सीएम मान पर निशाना साधा है। जाखड़ ने कहा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत सफल नहीं हो पाई है। सभी लोगों में से CM भगवंत मान के किसानों के वकील के रूप में काम करने से इन वार्ताओं का विफल होना तय था। क्योंकि, सीएम मान को इन वार्ताओं की विफलता से हर चीज हासिल करनी थी। वहीं, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में आपने केंद्र सरकार द्वारा कॉन्ट्रैक्ट खेती और सहकारी समितियों के माध्यम से 5 फसलों की एमएसपी खरीद के धोखेबाज प्रस्ताव का समर्थन किया। इसका मतलब बंधन और पराधीनता होता है। दो साल पहले किसानों ने काले कानूनों को कॉन्ट्रैक्ट खेती के रूप में खारिज कर दिया था।अपने स्वार्थी उद्देश्यों के लिए आप केंद्र का मोहरा थे, जो उनकी कथा की धुन पर नाच रहे थे, किसानों को विनाश की ओर धकेल रहे थे। केंद्र को बदनाम करेंगे सीएम अपने शब्दों में सुनील जाखड़ ने कहा कि अब सीएम न केवल केंद्र सरकार को बदनाम करने में सक्षम होंगे, बल्कि उन किसानों को भी दिल्ली की ओर निर्देशित कर सकेंगे जो शुरू में चंडीगढ़ तक मार्च करना चाहते थे। निश्चित रूप से, वह समाधान तक पहुंचने के लिए किसानों और केंद्रीय मंत्री स्तरीय टीम दोनों के ईमानदार प्रयासों को खतरे में डालकर इस मिशन में सफल हुए हैं। पंजाब को आश्चर्य है कि ऐसे व्यक्ति को किसानों का प्रतिनिधित्व करने का वकालत नाम (अधिकार) किसने दिया, जो न केवल अपनी सरकार बनने के 5 मिनट के भीतर MSP प्रदान करने के अपने वादे से मुकर गया, बल्कि पंजाब के किसानों को बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे से भी धोखा दिया।
Opposition-Angry-Over-Failure-Of-Farmers-Union-Ministers-Meeting-Jakhar-Said-Cm-Was-A-Respectable-Lawyer-Failure-Was-Certain-Sidhu-Made-Allegations-Of-Cheating