अमृतसर। अमृतसर की हेरिटेज स्ट्रीट पर भूख हड़ताल पर बैठे अमृतपाल सिंह और उनके साथियों के परिवारों से मुलाकात करने आज एसजीपीसी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ वर्तमान स्थिति और सरकार से चल रही बातचीत पर चर्चा की। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हिरासत में लिए गए सिंहों के परिवारों को आश्वासन दिया कि सिख संगठन शिरोमणि कमेटी हर पहलू में उनका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करके अगली रणनीति तय की जाएगी। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट धामी ने कहा कि सिखों को पहले भी पंजाब से बाहर जेलों में बंद किया गया है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ कि उनकी निजता पर हमला करने के लिए बाथरूम में कैमरे और रिकॉर्डर लगाए गए हों और मानसिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई हो। डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन द्वारा उत्पीड़न के विरोध में सिखों ने संघर्ष का रास्ता चुना और भूख हड़ताल शुरू कर दी, जिससे पंजाब में परिवारों की चिंताएं भी बढ़ गईं। बोले- शरीर सलामत होगा तभी लड़ाई लड़ी जाएगी एडवोकेट धामी ने कहा कि सिंह परिवार ने कल से भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। उन्होंने सरकार से भी कहा कि जब सरकार मिलने का समय नहीं दे रही तो परिवार के पास कोई और ऑप्शन नहीं बचती। वहीं उन्होंने परिवार से भी अपील की कि भूख हड़ताल को छोड़ दिया जाए क्योंकि अगर शरीर सलामत होगा तभी लड़ाई लड़ी जाएगी। परिवारों के साथ बैठकर अगली रणनीति तय की जाए वकील धामी ने पंजाब सरकार से कहा कि वह तुरंत इन सिख युवाओं के परिवारों की बात सुनें और इस मुद्दे का समाधान करें। उन्होंने डिब्रूगढ़ जेल में बंद सिख युवाओं और उनके परिवारों से भी अपील की कि गुरमत सिद्धांत भूख हड़ताल के माध्यम से शारीरिक उत्पीड़न की अनुमति नहीं देता है। शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि वह सिंह साहिब जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से चर्चा करेंगे कि भूख हड़ताल पर बैठे इन परिवारों के साथ बैठकर अगली रणनीति तय की जाए। ये लोग रहे मौजूद इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी के महासचिव भाई राजिंदर सिंह मेहता, सदस्य स. सुरजीत सिंह भिट्टेवाड,. बावा सिंह गुमानपुरा, स. अमरजीत सिंह बंडाला, सचिव शिरोमणि कमेटी प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, अपर सचिव, बलविंदर सिंह काहलवां, हिरासत में लिए गए सिंहों के परिवार के सदस्यों के अलावा जसबीर सिंह घुम्मन, स. जसकरण सिंह काहनसिंहवाला आदि मौजूद थे।
Sgpc-Chief-Arrives-To-Meet-Amritpals-Family-Appeal-To-Leave-Hunger-Strike-Said-The-Battle-Will-Be-Fought-Only-When-The-Body-Is-Safe