जालंधर | क्षेत्र के बंटवारे को लेकर महंतों (किन्नरों) ने रविवार रात थाना डिवीजन नंबर-8 के बाहर हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महंतों ने जबरदस्ती थाने के अंदर घुसकर धरना लगा दिया। इस दौरान महंतों की थाना डिवीजन नंबर 8 एसएचओ संजीव कुमार से जमकर बहस हुई। एक-डेढ़ घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने किन्नरों की शिकायत रिसीव की। इस दौरान पुलिस ने दूसरे पक्ष के बीमार होने का हवाला देते हुए किन्नरों को दो दिन बाद आने का वक्त दिया, लेकिन वह इस बात पर एग्री नहीं हुए और तुरंत दूसरे पक्ष को मौके पर बुलाने की मांग कर फिर से हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि इस दौरान पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया। जानकारी के अनुसार, सिम्मी और पोतों पक्ष में क्षेत्र बंटवारे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। सिम्मी पक्ष ने आरोप लगाया है कि पोतों पक्ष ने उनके एक महंत का 2-3 दिन पहले अपहरण किया था, जिसके बाद उसे धारदार हथियार दिखाकर उसका जबरन वीडियो बनाया था। इस मामले को लेकर सिम्मी पक्ष ने पुलिस को शिकायत दी थी, आरोप है कि पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते रविवार रात को सिम्मी पक्ष थाना डिवीजन नंबर 8 जा पहुंचा और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। महंत सिम्मी ने कहा कि किडनैपिंग के बाद दूसरे पक्ष ने उसे (सिम्मी) श्राप देते हए का वीडियो बनवाया था। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर-8 के एसएचओ संजीव कुमार सूरी ने कहा कि महंत का पहले पंचायती राजीनामा होना था, मगर किन्हीं कारणों से वह मुकम्मल नहीं हो पाया। धरना लगाने आए सिम्मी पक्ष का कहना था कि वह दूसरे पक्ष को अभी इसी वक्त थाने में बुलाएं, मगर दूसरे पक्ष ने दो दिन बाद थाने आने के लिए समय मांगा है। इसी पर नाराज महंतों ने धरना लगाया है। मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
Uproar-Of-Eunuchs-In-The-Police-Station-Accusation-Of-Not-Taking-Action-On-The-Complaint-Of-Kidnapping-Dispute-Over-Area-Sharing-Between-Two-Parties