लुधियाना | देर रात सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में खूब हंगामा हुआ। सिविल सर्जन दफ्तर और इमरजेंसी में तैनात दो कर्मियों में वीडियो बनाने को लेकर विवाद हो गया। दोनों में जमकर बहसबाजी हुई। ववाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टरों व पुलिस को बीच बचाव के लिए आना पड़ा। इस दौरान मौके पर भीड़ लगी रही। आरोप है कि सिविल सर्जन दफ्तर से आए कर्मी ने पुलिस कर्मचारी के साथ भी बदतमीजी की। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात डाक्टरों ने पुलिस चौकी इंचार्ज राजिंद्र सिंह को सूचित किया। उन्होंने मौके पर पहुंच कर मामला शांत करवाया। जानकारी मुताबिक सिविल सर्जन डॉ जसवीर सिंह औलख के दफ्तर में तैनात दर्जा चार कर्मी सिकंदर सिंह मंगलवार की देर रात इमरजेंसी में आया। वहां इमरजेंसी में तैनात दर्जा चार कर्मी कुणाल से उसका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। सिकंदर जब इमरजेंसी में आया तो कुणाल को लगा कि शायद वह उसका वीडियो बना रहा है। उसने उसे बाहर जाने के लिए कहा था। बताते हैं कि इसके बाद दोनों में हाथापाई तक हो गई। तभी इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद हैड कॉन्स्टेबल मौके पर आया, जिसने दोनों को बाहर जाने को कहा। बता दें अक्सर सिविल अस्पताल की इमरजेंसी सुर्खियों में रहती है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि सिविल सर्जन दफ्तर का कर्मचारी अक्सर सिविल सर्जन के नाम से अस्पताल के स्टाफ को रौब दिखाता है। अस्पताल में डयूटी न होने के बावजूद वह अक्सर रोजाना रात को सिविल अस्पताल में ही देखा जाता है। इस मामले संबंधी चौकी इंचार्ज राजिंद्र सिंह ने कहा कि बिना वजह किसी को इमरजेंसी में जाने नहीं दिया जाएगा। अस्पताल में माहौल खराब नहीं होने देंगे। सीनियर अधिकारियों को मामले संबंधी सूचित कर दिया जाएगा।
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