-पीड़ित छात्रा के पिता आरोप, राजीनामा करने के लिए उस पर बनाय जा रहा दबाव ई न्यूज पंजाब, लुधियाना एसजीडी ग्रामर सीनियर सेकेंडरी स्कूल के 11 वीं कक्षा के छात्र धनंजय तिवारी आत्महत्या मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा ट्वीट किए 6 दिन बीत गए हैं, इसके बावजूद पुलिस की टीचर, प्रिंसिपल व डायरेक्टर को गिरफतार नहीं कर पाई है। मामले में स्कूल की टीचर, प्रिंसिपल व डायरेक्टर पर केस दर्ज हुआ था। वहीं पर, आज पहली बार स्कूल की ओर से कैमरे के आगे धनंजय तिवारी आत्महत्या मामले में नया खुलासा किया है। धनंजय की मौत पर शोक की बात कहकर एसजीडी ग्रामर सीनियर सेकेंडरी स्कूल तो बंद है, लेकिन स्कूल की अन्य ब्रांचें खुली हैं। ऐसे में साफतौर आए दिन स्कूल के आगे होने वाले प्रदर्शनों के चलते स्कूल बंद किया प्रतीत होता है। वहीं पर, मामले में पुलिस टालमटोल का रवैया अपनाए हुई है। पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने मामले पर कैमरे के सामने सवालों का जवाब देने को इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने जल्द इस मामले में प्रेसवार्ता की बात कही है। वहीं एक अन्य वॉयरल वीडियो जिसमें पांच साल की लड़की को स्कूल में दी गई यातना के वायरल वीडियो मामले में बच्ची के पिता को धमकाया जा रहा है और पैसे तक ऑफर किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, इलाका पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा ने मामले में सोमवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कहते हुए कहा कि वे इस मामले में पुलि कमिश्नर व निगम कमिश्नर दोनों को पार्टी बनाएंगे और मृतक धंनजय तिवारी को इंसाफ दिलाएंगे। भले ही इस मामले में प्रदेश के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से टवीट कर डीसी प्रदीप अग्रवाल को खुद इस मामले की इंक्वायरी कर रिपोर्ट करने को कहा गया है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस टालमटोल का रवैया अपनाए हुए है। -22 नवंबर को उनकी 5 साल की बेटी के हाथों पर पेन मारे गए थे। उसके सिर पर भी पेन और डंडे मारे गए थे। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके विपरीत कुछ नेता और स्कूल समर्थक उन्हें धमका रहे हैं और पैसों का लालच देकर बयान बदलने को कहा जा रहा है। यहां तक कि उनका झूठा बयान पेश किया जा रहा है। पुलिस भी उनकी सुनवाई नहीं कर रही। इसलिए वह फ़रयाद लेकर पार्षद जसपाल सिंह ग्यासपुरा के पास पहुंचे हैं। परमिंदर सिंह, बच्ची के पिता धनंजय तिवारी द्वारा आत्महत्या किए जाने को 7 दिन बीतने को है। उसने सुसाइड से पहले एक वीडियो क्लिप बनाया था, जिसे भी सबूत नहीं माना जा रहा। बावजूद इसके कि सीएम ने ट्वीट किया, लेकिन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। बच्ची के हाथों पर पैन मारा गया। सिर पर डंडे मारे गए, लेकिन अब उसके पिता को धमकाया जा रहा है। पैसों की लालच दी जा रही है। स्कूल में अवैध कंस्ट्रक्शन जारी है। वह नगर निगम के एटीपी और पुलिस कमिश्नर को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि उन्होंने शिक्षा मंत्री से भी शिकायत की है। मजबूरन अब उन्हें हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा और सोमवार को वह हाईकोर्ट में रिट लगाएंगे, जिसमें पुलिस कमिश्नर लुधियाना और निगम कमिश्नर लुधियाना को भी पार्टी बनाएंगे। जसपाल सिंह ग्यासपुरा, इलाका पार्षद मेरा दावा है कि धनंजय तिवारी ने आत्महत्या स्कूल की पढ़ाई के दबाव के चलते की है। धनंजय तिवारी तो मात्र 5 महीने ही हमारे स्कूल में पढ़ा था। बच्ची के हाथ में पेन मारने सम्बन्धी वायरल वीडियो व पिता के आरोपों पर कहा कि यह वीडियो झूठी है। बच्चे का पिता एक बच्चे को हमारे यहां छोड़कर जाता है, तो दूसरा बच्चा वहां छोड़ता है। बच्ची के हाथों पर निशान उसे मारने की नहीं, बल्कि प्यार की निशानी है। हमारे स्कूल में 4500 बच्चे पढ़ते हैं। कई विदेश गए हैं, लेकिन आज तक ऐसा नहीं हुआ। जसप्रीत कौर, हेड टीचर, एसजीडी पब्लिक स्कूल
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