सतीश पूनिया पंजाब Bjp के नए प्रभारी बने:विधानसभा चुनाव से पहले जिम्मेदारी, हरियाणा में सरकार रिपीट करा चुके
Aug18,2026
| Enews Team | Punjab
पंजाब। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही पार्टी ने प्रदेश प्रभारियों की नियुक्ति भी शुरू कर दी है। बीजेपी ने राजस्थान से राज्यसभा सदस्य डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की हवाई दुर्घटना में मौत के बाद पंजाब भाजपा प्रभारी का पद खाली था। अब पार्टी ने उनकी जगह राजस्थान से राज्यसभा सांसद डॉ. सतीश पूनिया को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लंबे समय से पंजाब में सक्रिय हैं। उनके साथ डॉ पूनिया भी पार्टी की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। पार्टी ने इससे पहले भी अप्रत्यक्ष तौर पर डॉ पूनिया को ही पंजाब की बागडोर सौंपी थी। पंजाब अध्यक्ष के चुनाव से लेकर उनकी टीम के गठन में डॉ पूनिया की अहम भागेदारी रही है। हरियाणा में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने में डॉ सतीश पूनियां की अहम भूमिका रही है। पार्टी ने उन्हें हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले राज्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया था। डॉ सतीश पूनियां तब से लगातार हरियाणा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
117 सीटों पर संगठन खड़ा करना
भाजपा ने फिलहाल सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है। ऐसे में उन सीटों पर भी मजबूत बूथ और मंडल संगठन बनाना होगा, जहां भाजपा की परंपरागत मौजूदगी बहुत कमजोर रही है। पार्टी पहले ही गांव स्तर तक टीमें बनाने की तैयारी कर रही है। अकाली दल के साथ लंबे गठबंधन के कारण भाजपा का पारंपरिक आधार मुख्यतः शहरी और हिंदू मतदाताओं में मजबूत रहा। अब चुनौती है कि ग्रामीण पंजाब और सिख मतदाताओं में स्वीकार्यता बढ़े। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने मई 2026 में केवल सिंह ढिल्लों को प्रदेश अध्यक्ष बनाया, जिन्हें पार्टी का पहला जट सिख प्रदेश अध्यक्ष बताया गया।
अकाली दल के बिना चुनाव लड़ने की रणनीति
भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल का अगर गठबंधन नहीं होता है तो पंजाब में अकेले चुनाव लड़वाना पूनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। भाजपा और SAD का दशकों पुराना गठबंधन टूट चुका है। हालांकि 2027 से पहले दोनों के फिर साथ आने की चर्चाएं भी चल रही हैं। भाजपा प्रदेश नेतृत्व फिलहाल 117 सीटों पर अकेले लड़ने की बात कह रहा है। हाल में केवल सिंह ढिल्लों ने जब पंजाब में संगठनात्मक ढांचा गठित किया। जिला प्रधानों की नियुक्ति की तो भाजपा नेताओं में संतोष देखा गया। भाजपा नेताओं के असंतोष को संभालना पूनिया के सामने बड़ी चुनौती रहेगी।
Satish-Poonia-Appointed-New-Punjab-Bjp-Incharge-Tasked-With-Responsibility-Ahead-Of-Assembly-Elections-Previously-Led-The-Party-To-A-Second-Consecutive-Term-In-Haryana