पंजाब पॉलिटिक्स: आखिरी समय में बदला फैसला, आखिर परगट सिंह को क्यों चुना गया पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष?
Oct3,2026
| Enews Team | Punjab
पंजाब। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर आखिरी वक्त पर बड़ा सियासी बदलाव देखने को मिला। दरअसल, पहले विजयइंदर सिंगला का नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माना जा रहा था, लेकिन हाईकमान ने अंतिम समय में फैसला बदलते हुए विधायक परगट सिंह को कमान सौंप दी। यानी कि जालंधर कैंट से विधायक और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। जानकारी के मुताबिक, 2 अक्टूबर शाम तक तो सिंगला के नाम को लेकर पार्टी नेताओं और समर्थकों में नियुक्ति की उम्मीद थी। हालांकि, बाद में कांग्रेस हाईकमान ने परगट सिंह के नाम पर मुहर लगा दी।
वड़िंग-राहुल की मुलाकात के बाद बदला पंजाब कांग्रेस का फैसला
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार राजा वड़िंग ने 2 अक्टूबर को राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। वड़िंग ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा सौंपा था। इससे पहले विजयइंदर सिंगला का नाम सबसे प्रमुख दावेदार के तौर पर सामने आ रहा था। वहीं राजा वड़िंग की राहुल गांधी से मुलाकात इस बदलाव के लिए अहम मानी जा रही है। राजा वड़िंग ने विजयइंदर सिंगला के नाम पर आपत्ति जताई थी। सिंगला के चन्नी गुट से करीबी और दूसरे गुटों से नाराजगी बढ़ने का मुद्दा उठाया था। परगट सिंह को अलग-अलग धड़ों के बीच स्वीकार्य चेहरा माना गया और उन्हें जट्ट सिख प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर देखा गया। आखिर में हाईकमान ने मौके पर सिंगला की बजाय परगट सिंह को पंजाबा कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त कर दिया।
सभी गुटों को साथ लेकर चलना परगट सिंह के लिए चुनौती
विजयइंदर सिंगला का नाम पहले प्रमुख दावेदारों में था। 1 अक्टूबर की रिपोर्टों में भी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद का संभावित उम्मीदवार बताया गया था, जबकि परगट सिंह समेत कई अन्य नामों पर भी चर्चा चल रही थी। परगट सिंह के सामने अब पंजाब कांग्रेस के विभिन्न गुटों को साथ लेकर चलने और संगठन को मजबूत करने की चुनौती होगी। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी कर रही है और प्रदेश इकाई में लंबे समय से अंदरूनी मतभेद चर्चा में रहे हैं। राजा वड़िंग ने परगट सिंह की नियुक्ति पर उन्हें बधाई दी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी हाईकमान के फैसले का स्वागत किया।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने की थी सिंगला के नाम की सिफारिश
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से विजयइंदर सिंगला के नाम की सिफारिश की गई थी। पार्टी नेतृत्व इस विकल्प पर लगभग सहमत माना जा रहा था। पार्टी के भीतर इस बार हिंदू चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी देने की रणनीति पर भी मंथन चल रहा था, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के हिंदू वोट बैंक को चुनौती दी जा सके। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजा वड़िंग ने राहुल गांधी के सामने पंजाब के राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को देखते हुए जट सिख चेहरे को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपने पर जोर दिया।
जट्ट सिख चेहरे पर भी रहा जोर
परगट सिंह की नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने एक बार फिर जट सिख चेहरे को प्रदेश संगठन की कमान सौंपी है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी जट्ट सिख समुदाय से आते हैं। पार्टी ने विजयइंदर सिंगला के नाम पर विचार करने के बाद आखिर में जट्ट सिख चेहरे को ही वड़िंग के स्थान पर चुनने का फैसला किया। पंजाब की राजनीति में जट्ट सिख समुदाय के प्रभाव को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष के चयन में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण भी महत्वपूर्ण रहे।
Punjab-Politics-Last-Minute-Change-Of-Decision-Why-Was-Pargat-Singh-Ultimately-Chosen-As-The-Punjab-Congress-President