यशपाल शर्मा, लुधियाना पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आखिरकार कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को इस्तीफा भेज कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया। इसके साथ ही उन्होंने राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत अब पंजाब लोक कांग्रेस नाम की नई पार्टी के गठन से की है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन पहले ही कह चुके थे कि वह कांग्रेस छोड़ देंगे और इसके बाद उनकी ओर से जल्द अपनी पार्टी के गठन का ऐलान भी किया था। इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू राहुल गांधी व सोनिया गांधी के शह पर लगातार उनका अपमान करते रहे। बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि वह केंद्रीय कृषि कानून का मामला सुलझ जाने के बाद भाजपा से अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में तालमेल कर सकते हैं। बताया जाता है कि कैप्टन अमरिंदर के साथ कांग्रेस के कई नेता जल्द ही सामने आएंगे। इसके साथ ही कैप्टन की शिरोमणि अकाली दल से अलग हुए सुखदेव सिंह ढ़ींंढसा सहित अन्य नेताओं से भी बातचीत हाेगी। संकेत हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की अपनी नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस के बैनर तले विभिन्न गुटों को एकजुट कर सशक्त चौथा माेेर्चा बनाने की है। यदि कैप्टन अमरिंदर के कैंप के दावे के मुताबिक डेढ़ दर्जन कांग्रेस विधायक पूर्व मुख्यमंत्री के साथ आते हैं तो राज्य की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार के लिए भी खतरा पैदा हो जाएगा। कांग्रेस पहले ही पार्टी के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच खींचतान से परेशान हैं। नवजोत सिंह सिद्धूू अपनी ही पार्टी की सरकार पर विपक्षी नेताओं की तरह हमले कर रहे हैं। इससे कांग्रेस के लिए पंजाब में राह बेहद कठिन होती दिख रही है। कैप्टन अमरिंदर सिंह करीब 52 साल से कांग्रेस में थे और इस दौरान वह दो बार मुख्यमंत्री व दो बार पंजाब कांग्रेस के प्रधान रहे। ऐसे में उनकी जमीनी स्तर पर पकड़ काफी मजबूत है। उनकी कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं पर असर भी काफी मानी जाती है। इसका उनकाे लाभ होगा और कांग्रेस को झटका ले सकता है। कांग्रेस हाईकमान पहले से कैप्टन की ओर से नई पार्टी के एलान के बाद अपने गणित बिठाने में जुटी हुई है और इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रहे पार्टी नेताओं व विधायकाें पर नजर है। पार्टी के पूूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों कैप्टन के करीबी माने जाने वाले पूर्व मंत्रियों बलबीर सिंह सिद्धूू,साधूू सिंह धर्मसोत, सुंंदर शाम अरोड़ा सहित कुछ नेताओं को बुलाकर उनसे बातचीत की थी।
Captain Said Goodbye To Congress