यशपाल शर्मा, लुधियाना शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी , गृहमंत्री सुखजिंदर रंधावा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू, पुलिस अधिकारियों पर पूर्व मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। सनौर में हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा और पायल में जसप्रीत सिंह बीजा के समर्थन में विशाल रैलियों को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पुलिस विभाग को अपने कब्जे में ले लिया है, और पुलिस अधिकारियों को वरिष्ठ अकाली नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर कर रही है। ‘‘ ईमानदार पुलिस अधिकारियों ने इन गैर संवैधानिक आदेशों का पालन करने से इंकार कर दिया है, और यही कारण है कि ब्यूरों ऑफ इन्वेस्टिेगेशन के दो अधिकारियों-अर्पित शुक्ला और वरिंदर कुमार को वर्तमान निदेशक के रूप में त्वरित उत्तराधिकार में बदल दिया है तथा एस.के अस्थाना छुटटी पर चले गए हैं’’। पंजाब कांग्रेस अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए बदलाखोरी की राजनीति कर रही है, इस पर जोर देते हुए सरदार बादल ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के कुछ दिन पहले स. बिक्रम सिंह मजीठिया को झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री और गृहमंत्री द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स. बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। हमने पहले पार्टी के एक पूर्व कार्यकर्ता के माध्यम से मुझे झूठे मामले में फंसाने की साजिश को बेनकाब किया और तक यह बात साबित हुई कि जब उक्त कार्यकर्ता- राजिंदर कौर मीमसा ने वही आरोप लगाए, जिनका हमने पहले जिक्र किया था। अब इसी तरह स. मजीठिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है’’। स. बादल ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का कर्तव्य कांग्रेस पार्टी द्वारा पंजाबियों से किए गए वादों को पूरा करने के अलावा लोगों की शिकायतों का समाधान करना है। ‘‘ ऐसा करने के बजाय वह चार सप्ताह में ऐसा करने का वादा करने के बावजूद पूरी तरह से इसे पूरा करने में बुरी तरह से विफल होने के बाद नशे के मुददे पर राजनीति कर रहे हैं’’। स. बादल ने जमीन की सीमा संबंधी सुलझे हुए मुददे को उठाने के लिए भी मुख्यमंत्री की निंदा की, जिसे दशकों पहले सुलझा लिया गया था। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को अधिशेष भूमि का सत्यापन करने के लिए केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के अलावा जमीन के मालिकों को परेशान ही किया है। ‘‘ यह उन तरीकों और साधनों का एक अन्य उदाहरण है, जिनके द्वारा कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है’’।
Trio Of Cm Hm And Pcc Chief Coercing Police Officers To Register False Cases Against Top Sad Leaders