यशपाल शर्मा, लुधियाना
आजकल भारतीय जनता पार्टी के ओहदेदारों के होश ढीले हुए पडे़ हैं और इसका कारण है प्रदेश पार्टी अध्यक्ष की ओर से जारी किया गया फरमान। इस फरमान को लेकर पार्टी के प्रदेश नेताओं से लेकर जिला नेताओं के बीच खूब चर्चा भी छिड़ी हुई है। बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने चंडीगढ़ में पार्टी नेताओं को बुलाकर एक मीटिंग की थी और इस मीटिंग में उनकी ओर से ये फरमान दिया गया कि पार्टी का हर एक ओहदेदार चाहे वो प्रदेश कार्यकारिणी में है या जिला कार्यकारिणी में है, वो अपने अपने शहर (जहां निगम चुनाव होने हैं) वहां पर कौंसलर चुनाव लडे़गा। ये फरमान इसलिए बड़ा अहम है क्यों कि पार्टी के बहुत से ओहदेदार पार्टी में बडे़ बडे़ पद मांगते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ नहीं है और वे अपने कद के लिहाज से कौंसलर चुनाव नहीं जीत सकते हैं। गौर हो कि यही फार्मूला भाजपा की ओर से राजस्थान और मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में भी इस्तेमाल किया गया और पार्टी की ओर से इस विधायक चुनाव में लोकसभा चुनाव जीत कर केंद्रीय मंत्री बने और कईं सांसदों को इस चुनाव में उतारा था और इसके परिणाम में पार्टी को बेहतर मिले हैं। वहीं लुधियाना में कौंसलर चुनाव को लेकर जिले व मौजूदा विधायक चुनाव लडे़ नेताओं के बीच भी खींचातान की बातें सामने आने लगी हैं।
सांसद का चुनाव लड़ने वाले दावेदारों की भी टेस्टिंग
लुधियाना में भाजपा के कईं ऐसे नेता हैं, जो लुधियाना से खुद को सांसद उम्मीदवारी के तौर पर आंकते हैं। अगर इस फरमान काे अगर सही में अमल में लाया जाता है तो खुद को सांसद दावेदारी का दावा ठोकने वालों को अब पहले अपने वार्ड से चुनाव जीतकर अपना वोट बैंक पार्टी को दिखाना होगा। ये काफी हद तक सही भी है, जो सांसद का चुनाव लड़ना चाहते हैं, उन्हें पार्टी के समक्ष खुद को साबित करने के लिए ये चुनाव जरुर लड़ना भी चाहिए। चुनाव के लिए फार्म भरने वालों में शहर की तीन विधानसभा से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार के पारिवारिक सदस्य भी शामिल हैं। जिनमें सेंट्रल विधानसभा से गुरदेव शर्मा देबी का बेटा या पत्नी और वहीं नार्थ विधानसभा से विधायक चुनाव लड़ने वाले प्रवीण बांसल खुद या उनके बेटे की ओर से फार्म भरे जाने की बात कही जा रही है। भाजपा के शहर से दिग्गज नेताओं में एडवोकेट बिक्रम सिद्धू, जतिंदर मित्तल, अनिल सरीन, रजनीश धीमान का नाम इस समय लिया जाता है।
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टिकट के लिए उठापटक भी हुई शुरु
अगले तीन महीनों तक भले नगर निगम चुनाव होन की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही, लेकिन भाजपा में चुनाव लड़ने को फार्म भरने का सिलसिला शुरु होते ही कौंसलर टिकट को लेकर उठापटक शुरु हो चुकी है। शहर के कुल 95 वार्ड के लिए अभी तक भाजपा में 465 के करीब छोटे से बडे़ नेता वर्कर फार्म भर चुका है और अब पार्टी नें फार्म भरने की तारीख बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दी है। उदाहरण के तौर पर अगर इन टिकट के लिए उठापटक की बात करें तो वार्ड नंबर 65 से कांग्रेस से भाजपा में आई पूर्व कौंसलर राशि अग्रवाल जिले के पार्टी महासचिव कातेंदू शर्मा के हक में फार्म भरवाने को आईं तो वहीं इस वार्ड से एक अन्य अहम दावेदारों में जतिन शर्मा का नाम भी लिया जा रहा है, जिसे इस सीट विधायक चुनाव लड़े बिक्रम सिद्धू टिकट दिलवाना चाहते हैं। वहीं सेंट्रल हल्के से दो बार कौंसलर चुनाव जीते इंद्र अग्रवाल के साथ साथ कपिल कत्याल की ओर से भी कौंसलर चुनाव का फार्म भरने की बातें सामने आ रही हैं। कपिल कत्याल को यहां से विधायक चुनाव लड़े गुरदेव शर्मा टिकट दिलाना चाहते हैं। असल में भाजपा से विधायक चुनाव लड़ चुके नेता ये चाहते हैं कि जिन्होंने उनके चुनाव में दिन रात एक किये थे पार्टी उन्हें कौंसलर टिकट दे, लेकिन वहीं दूसरे नेता जो जिले या प्रदेश के नजदीक हैं, वो अपने जोर से ये टिकट लेना चाहते हैं। ऐसा ही हाल वृदांवन रोड के तहत पड़ते वार्ड में भी पिछली बार की तरह इस बार भी टिकट का पेच फंसता दिख रहा है। इस बार यहां से फिर शिरोमणि अकाली दल छोड़ कर आए पूर्व भाजप परिवार के सदस्य राजेश शर्मा मिंटू चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और वहीं इस बार भी यहां से सुमन वर्मा कौंसलर चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। सुमन वर्मा की भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के साथ पारिवारिक नजदीकी है और कहा जाता है कि पिछली बार भी तरुण चुघ के फोन पर सीटिंग कौंसलर मिंटू शर्मा का टिकट कट कर सुमन वर्मा को दे दिया गया था। जबकि इस चुनाव के नतीजों में सुमन वर्मा तीसरे नंबर पर थे और आजाद चुनाव लड़े मिंटू शर्मा दूसरे नंबर पर आए थे।
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साल 1992 में भी जब भाजपा से चौधरी सतप्रकाश मेयर बने थे, तब भी भाजपा ने अपने बडे़ चेहरे कौंसलर चुनाव में उतारे थे और इस बार राजस्थान व मध्यप्रदेश के चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री व सांसद चुनाव में उतारे गए थे। इससे साफ है कि पार्टी चुनाव के लिए कितनी गंभीर है और दिग्गज नेताओं का पूरा योगदान लेना चाहती है। फार्म भरने वालों में विधायक का चुनाव लड़ चुके कुछ नेताओं के पारिवारिक सदस्यों ने भी इस चुनाव के लिए फार्म भरा है। पार्टी किसे टिकट देती है, ये समय के साथ पार्टी तय करेगी।
रजनीश धीमान, जिला प्रधान भाजपा
State-And-District-Officials-Of-Bjp-Will-Also-Have-To-Show-Their-Strength-In-The-Councilor-Elections-Know-The-Order-Of-The-High-Command