मोहाली। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से 454 फार्मेसी अधिकारियों के पदों पर जारी भर्ती प्रक्रिया पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि 11 जून 2026 को जारी विज्ञापन के तहत फार्मेसी अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगी। मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील इशिता जिंदल और सार्थक गुप्ता पेश हुए, जबकि पंजाब सरकार की ओर से अतिरिक्त एडवोकेट जनरल टीपीएस वालिया अदालत में उपस्थित रहे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मौजूदा याचिका लंबित होने के कारण नियुक्तियों की प्रक्रिया भी रुक गई है। इसके चलते बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की ओर से 11 जून, 2026 को जारी विज्ञापन के तहत 454 फार्मेसी अधिकारियों के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। इस बीच विपक्ष ने मामले में पेपर लीक का आरोप लगाया है।
जबाव देने के लिए मांगा समय
राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय मांगा गया। हाईकोर्ट ने मांग मंजूर करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 तय कर दी। अदालत ने निर्देश दिया कि यदि कोई जवाब दाखिल किया जाना है तो उसे अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले दाखिल किया जाए और उसकी कॉपी याचिकाकर्ताओं के वकील को भी दी जाए।
विपक्ष बोला-पेपर लीक के चलते ही यह भर्ती रद
हाईकोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत स्पष्ट किया कि 11 जून 2026 के विज्ञापन के तहत फार्मेसी अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर अगली सुनवाई तक कोई आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस मामले में सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल, भाजपा प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने आरोप लगाया है कि पेपर लीक के चलते ही यह भर्ती रद की गई है। आप सरकार को इस पर जबाव देना चाहिए।