लुधियाना। लुधियाना के सिविल अस्पताल में वीरवार को हंगामा हो गया। कुछ लोगों ने सिविल अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की। लोगों का आरोप था कि सिविल अस्पताल स्टॉफ द्वारा उनके रिश्तेदार का शव बदल दिया और उसके अंग निकाल लिए। इस दौरान लोगों ने डॉक्टरों के कमरों और वार्डों के शीशे तोड़ दिए। तोड़फोड़ करने वाले लोगों का आरोप है कि उनके बेटे के शव के मोर्चरी में पोस्टमार्टम करने वाले कर्मचारियों ने अंग निकाल कर बेचे। जब परिवार वीरवार सुबह अंतिम संस्कार करने के लिए शव लेने पहुंचा तो कर्मचारियों ने कहा गया कि उनके बेटे का शव यहां नहीं है। उसे तो ले जाया जा चुका है। इस बात से गुस्साए परिजनों ने जमकर तोड़फोड़ की। अस्पताल के दरवाजे, व्हीलचेयर आदि उठा-उठा कर फेंकी। मरीजों और डॉक्टरों ने इधर-उधर भाग कर अपना बचाव किया। अस्पताल में हंगामा होता देख तुरंत डॉक्टरों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर थाना डिवीजन नंबर 2 की पुलिस पहुंची। पुलिस ने जांच का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। क्या है मामला थाना सलेम टाबरी पीरू बंदा इलाका के युवक आयुष सूद बीमार होने के चलते सिविल अस्पताल में दाखिल था। एक जनवरी को आयुष की मौत हो गई। उसकी बहनें विदेश में रहती है। बीते दिन वह विदेश से आई हैं तो वीरवार को उसका संस्कार करना था। पिता राकेश सूद ने कहा कि जब वह बेटे आयुष का शव लेने आए तो उन्हें कहा गया कि शव है नहीं। उसका शव ले जाया जा चुका है। ये बड़ी लापरवाही है। उन्हें संदेह है कि बेटे के शव से अंग निकाल कर बेचे गए हैं। बताया जा रहा है कि मनीष और आयुष नाम के लड़के का शव बदला गया है। जबकि आयुष का मनीष के परिवार द्वारा संस्कार भी किया जा चुका है। पुलिस मृतक के रिश्तेदारों को मनाने में जुटी लोगों का आरोप है कि शव ले जाने वाले लोगों द्वारा मनीष का चेहरा देखे बिना कैसे शव ले जाया जा सकता है। वहीं शव के ऊपर ही नाम लिखा रहते हैं कि शव किस नाम से है तो क्या कर्मचारियों ने बिना नाम देखे ही शव किसी अन्य के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में लापरवाही सामने आ रही है। आयुष की अस्थियां चुगने के लिए परिवार के सदस्यों को पुलिस फिलहाल मना रही है।
Dead Body Of A Young Man Replaced In Civil Hospital People Broke The Hospital Alleging Doctors Removed The Organs Of The Dead Body