लुधियाना। एक हफ्ता पहले ग्यासपुरा के सुआ रोड पर हुए गैस लीकेज कांड में 11 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में सोमवार को एनजीटी की टीम मौके पर जांच करने के लिए पहुंची। टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के इलाके में जांच की। जबकि वहां चल रही फैक्ट्रियां व इल्लीगल उद्योगों का भी डाटा लिया गया। वहीं इस दौरान एनजीटी के मेंबरों ने कहा कि उनकी और से अभी इंडस्ट्री व किसी भी विभाग को क्लिन चीट नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि 30 जून को जांच कमेटी अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेगी। जिसके बाद पता चल जाएगा कि आखिर हादसे की असल सच्चाई क्या है। बता दें कि एनजीटी की आठ मेंबरी जांच कमेटी में पंजाब पॉल्यूशन बोर्ड के चेयरमैन, केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के नॉर्थ रीजनल डायरेक्टर, इंडस्ट्रियल टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च सेंटर, PGI चंडीगढ़ के डायरेक्टर, NDRF, पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड,डिप्टी कमिश्नर लुधियाना व निगम कमिश्नर लुधियाना शामिल हैं। डीसी की रिपोर्ट अलग, एनजीटी खुद करेगा जांच बता दें कि डीसी सुरभि मलिक की और से अपनी तरफ से जिला सत्र पर जांच कर रिपोर्ट बना पंजाब सरकार को सौंपी है। जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री को क्लिन चीट दे दी है। जबकि इस हादसे का जिम्मेदार निगम को बताया। मगर निगम पर एक्शन नहीं लिया। वहीं एनजीटी डीसी की रिपोर्ट पर आधारित नहीं है। एनजीटी की और से खुद अपने सत्र पर मामले की जांच की जा रही है। ताकि सच पता चल सके। लोगों की सुनी समस्याएं एनजीटी की और से इलाके के लोगों से भी बात की गई। इस दौरान लोगों ने बताया कि इलाके में आसपास के इंडस्ट्रियल यूनिट रात को व बारिश के समय अपना वेस्ट वाटर सीवरेजों में गिरा देते है। यह पानी तड़के या देर रात को गिराया जाता है। लोगों का कहना है कि निगम व प्रदूषण बोर्ड द्वारा कभी भी इन पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी वजह से हादसा हुआ है।
Ngt Team Reached To Investigate Giaspura Incident Industry Did Not Get Clean Cheat Said Truth Will Come Out On June 30