अमृतसर। पाकिस्तान में सरेआम मारे गए खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पंजवड़ का अंतिम संस्कार लाहौर में कर दिया गया है। परिवार उसके शव को अंतिम संस्कार के लिए पाकिस्तान से तरनतारन में गांव पंजवड़ लाना चाहता था। अब परिवार ने आतंकी परमजीत की अंतिम अरदास से पहले पाठ 13 मई को गांव में ही शुरू करने का फैसला किया है। आतंकी परमजीत सिंह तरनतारन के गांव पंजवड़ का रहने वाला था। खालिस्तान कमांडो फोर्स का प्रमुख बनने के साथ ही वह बीते 33 सालों से पाकिस्तान में शरण लिए हुए था। जहां उसने अपना नाम भी सरदार मलिक सिंह रखा हुआ था। पंजवड़ की हत्या की सूचना मिलने के बाद लोग गांव पंजवड़ में उसके भाइयों से दुख साझा करने पहुंच रहे हैं। वहीं गांव में अंतिम अरदास के लिए 13 मई से शुरू होने वाले पाठ का भोग 15 मई को डाला जाएगा। आतंकवादी बनने के बाद नहीं लौटा गांव परमजीत के भाई बलदेव सिंह फौजी का कहना है कि परिवार वालों ने पिछले 37 सालों से आतंकवादी खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के प्रमुख को नहीं देखा है। उन्हें खबरों से ही परमजीत के मारे जाने का पता लगा है। जिसके बाद परिवार चाहता था कि उसका शव भारत लाया जाए। लेकिन अब जब उसका संस्कार हो चुका है तो परिवार गांव में उसकी अंतिम अरदास के लिए पाठ करवाएगा। लाहौर में हुआ अंतिम संस्कार मिली जानकारी के अनुसार पंजवड का अंतिम संस्कार लाहौर के बाबू-साभू श्मशान घाट में हुआ है। जहां गुरुद्वारा शही सिंह सिंघानिया के ग्रंथी रणजीत सिंह फैनी ने संस्कार से पहले अंतिम अरदास की। बताया जा रहा कि ग्रंथी रणजीत सिंह फैनी पहले अंतिम अरदास के लिए तैयार नहीं थे, लास्ट में मुंह ढक कर संस्कार में पहुंचे और अरदास की। कहीं ISI ने बोझ तो कम नहीं किया... भारत सरकार ने परमजीत को TADA और UAPA जैसी धाराएं लगा कर ढूंढना शुरू किया तो वह पाकिस्तान में जाकर छिप गया था। ISI ने उसे रहने के लिए सेफ हाऊस व सुरक्षा भी प्रदान की, लेकिन लंबे समय से भारत से दूर होने के बाद उसका नेटवर्क पंजाब में कम हो रहा था। लखबीर लंडा और आतंकी हरविंदर संधू उर्फ रिंदा के काम ISI को अधिक परिणाम दे रहे थे। सुनने में आया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने परमजीत सिंह को हटाकर अपना बोझ कम किया है। तभी बीते तीन दिनों से परमजीत को मारने की जिम्मेदारी किसी ने भी नहीं ली है। मॉर्निंग वॉक करते वक्त मारी गोली परमजीत सिंह को बीती शनिवार सुबह बाइक पर आए हमलावरों ने गोली मारी थी। परमजीत सिंह लाहौर के जौहर टाउन की सनफ्लावर सोसाइटी में अपने सुरक्षाकर्मी के साथ मॉर्निंग वॉक कर रहा था। तभी बाइक पर युवक आए और उसे गोलियां मार दी। परमजीत सिंह के सिर्फ सिर पर गोली लगी है और मारने वाले का निशाना पूरी तरह से साफ था। उस पर गोली चलाने वाला प्रोफेशनल व पूरी तरह से ट्रेंड था।
Terrorist Panjwads Cremation Took Place In Lahore The Family Wanted The Dead Body To Be Brought To India Last Prayer Will Be Held In Tarn Taran On 15th