चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने कई हजार करोड़ों के पर्ल ग्रुप घोटाले की जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंप दी है। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पर्ल ग्रुप द्वारा ठगे गए लोगों को इंसाफ दिलवाने का वादा किया था। पर्ल स्कैम में फिरोजपुर जिले के जीरा पुलिस थाना में FIR नंबर -79, (2020) और प्रदेश अपराध पुलिस स्टेशन मोहाली (SAS नगर) में FIR नंबर 1,2023 दर्ज है। मामले की जांच विजिलेंस की आर्थिक शाखा करेगी। मामले की पर्तें खोलने के लिए अधिकारियों की टीमें बनाई गई है। बता दें कि पिछले कई वर्षों में पर्ल ग्रुप ने हजारों करोड़ रुपए की धांधली की है। सरकार ने विजिलेंस को आदेश दिया है कि इस मामले में कोई भी आरोपी हो उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। पंजाब में करीब 10 लाख लोग पर्ल ग्रुप की ठगी का शिकार हुए थे। विजिलेंस से कहा गया कि इस मामले में सबूत एकत्र किए जाए। विजिलेंस ब्यूरो को यह जांच सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी की सिफारिशों के चलते सौंपी गई है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आर.एम. की अगुआई में एक कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने यह सिफारिश की है कि जहां बड़े स्तर पर पैसे लगाने वाले लोगों के साथ धोखा हुआ है वहां विशेष जांच होनी चाहिए। पर्ल ग्रुप के कई मामले अदालतों में चल रहे है। विजिलेंस जांच के बाद उन इनवेस्टर्स तो एक आस की किरण नजर आने लगी है जिनके करोड़ों रुपए इस स्कैम में डूब गए है। 5.50 करोड़ निवेशकों को 60 हजार करोड़ का चूना पर्ल ग्रुप पर आरोप है कि उन्होंने पूरे देश में करीब 5.50 करोड़ लोगों से प्रॉपर्टी में निवेश कराया। इससे करीब 60 हजार करोड़ कमाए। निवेशकों को फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिए। फिर कंपनी ने यह पैसा हड़प लिया। मान ने लोकसभा में उठाई थी आवाज भगवंत मान पहले संगरूर से लोकसभा सांसद थे। इस दौरान उन्होंने पर्ल ग्रुप की धोखाधड़ी का मुद्दा संसद में उठाया था। अब ठगी के शिकार लोगों को उम्मीद है कि सीएम बनने के बाद भगवंत मान उनका पैसा वापस दिलाएंगे। पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को जनवरी में गिरफ्तार किया गया था।
Vigilance-To-Investigate-Pearl-Group-Scam-Team-Of-Officers-Formed-Following-The-Order-Of-Punjab-Government-Fir-Is-Registered-In-Jeera-Police-Station