खन्ना। खन्ना में बाढ़ के दौरान गैब की पुली पर आप विधायक तरुणप्रीत सिंह सौंध के खिलाफ नारेबाजी करने वाले युवकों पर पुलिस ने कार्रवाई की है। यह एफआईआर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में दर्ज हुई। इसमें शिकायतकर्ता नगर कौंसिल का मुलाजिम कुलविंदर सिंह है। लेकिन एफआईआर में विधायक के खिलाफ नारेबाजी का कोई जिक्र नहीं किया गया। कांग्रेस ने आरोपी युवकों का समर्थन करते हुए एफआईआर रद्द न करने पर चक्का जाम का ऐलान किया। वहीं, आप विधायक सौंध ने इसे कांग्रेस की ही शरारत बताया। पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। युवक केवल यह मांग कर रहे थे कि पानी की निकासी का काम धीरे है इसे तेज किया जाए। वहां विधायक बिना कुछ बोले निकल गए। बाद में युवकों ने रोष में नारेबाजी की। उल्टा उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज करवा दिया गया। इसके विरोध में कांग्रेस पहले एसएसपी खन्ना से मिलेगी। जरूरत हुई तो हाईकोर्ट का सहारा लिया जाएगा। खन्ना में किया जाएगा चक्का जाम इसके बाद भी अगर सरकार की धक्केशाही बंद नहीं हुई तो फिर कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग और विरोधी दल नेता प्रताप सिंह बाजवा को खन्ना बुलाकर चक्का जाम होगा। कोटली ने कहा कि कांग्रेस नेताओं पर धमकियां देने के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। विधायक दावा कर रहे हैं कि इसकी रिकॉर्डिंग है। वे ऐलान करते हैं कि ऐसी कोई भी रिकॉर्डिंग पेश करने पर 2 लाख का इनाम दिया जाएगा। दूसरी तरफ विधायक सौंध ने इसे कांग्रेस की ही शरारत बताया। सौंध ने कहा कि युवक शराब के नशे में धुत्त थे। उन्हें साजिश के तहत भेजा गया था। EO ने कहा मुझे नहीं मामले की जानकारी इस पूरे मामले में शिकायत करने वाला नगर कौंसिल कर्मी कुलविंदर सिंह भी मीडिया के सामने आया। उसने कहा कि युवकों ने काम में बाधा डाली, गालियां दीं। फिर ईओ के ध्यान में मामला लाकर केस दर्ज कराया गया। हैरानी की बात यह है कि नगर कौंसिल के ईओ चरणजीत सिंह ने साफ इनकार कर दिया कि उन्हें एफआईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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