चंडीगढ़। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मास्टरमाइंड गैंगस्टर सचिन थापन को भारत लाया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियों की टीम अजरबैजान गई है। सचिन गैंगस्टर लॉरेंस का भांजा है। वह मूसेवाला हत्याकांड की साजिश रचने वालों में शामिल है। हत्या से कुछ समय पहले वह लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई के साथ जाली पासपोर्ट पर विदेश भाग गया था। उसका नाम मूसेवाला हत्याकांड की FIR और चार्जशीट दोनों में शामिल है।
अगले 2 दिन में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचेगा
सुरक्षा एजेंसियां अगले 2 दिन में अजरबैजान से सचिन को लेकर दिल्ली आएंगी। बताया जा रहा है कि सचिन ने दुबई बेस्ड दिल्ली के कारोबारी से 50 करोड़ की फिरौती भी मांगी थी। कारोबारी का नाम गैलन बताया जा रहा है। टी-10 टीम के मालिक से 50 करोड़ रुपए फिरौती मांगने की कॉल रिकॉर्डिंग भी काफी चर्चा में रही थी। इसी मामले में सचिन को पकड़ा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सचिन के दिल्ली आने के बाद कई बड़े मामलों को सुलझाया जाएगा। पिछले दिनों दिल्ली समेत अन्य राज्यों में कारोबारियों से लॉरेंस के नाम पर रंगदारी मांगने के मामले भी आए थे। इसमें सचिन की भूमिका सामने आई है।
दिल्ली के संगम विहार पते पर बना फर्जी पासपोर्ट
गैगस्टर सचिन का फर्जी पासपोर्ट दिल्ली के संगम विहार इलाके के एक पते पर बनाया गया था। इस फर्जी पासपोर्ट में सचिन का नकली नाम तिलक राज टुटेजा लिखा था। इसकी जानकारी एजेंसियों को तब हुई, जब पुलिस ने गैंगस्टर्स के फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। मामले में पुलिस ने महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया था।
सचिन ने 3 लोगों संग मिलकर रची थी साजिश
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मास्टरमाइंड सचिन ने कनाडा में गैंग चला रहे सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़, तिहाड़ जेल में बंद काला जठेड़ी और लॉरेंस बिश्नोई से कोड वर्ड में बातचीत करके मूसेवाला की हत्या की साजिश रची थी। पुलिस और खुफियां एजेंसियों को कई शक न हो, इसलिए सचिन गैंगस्टर गोल्डी बराड़ से फोन पर बात करने के दौरान उसे 'डॉक्टर' कहकर बुलाता था। इसी तरह गैंगस्टर काला जठेड़ी को वह 'अल्फा' कहता था। अपने गुर्गों के जरिए वह लॉरेंस से बात करता था।
पुलिस को भ्रमित करने के लिए लिखा कहा, मैंने चलाई मूसेवाला पर गोलियां
पंजाब और दिल्ली पुलिस को भ्रमित करने के लिए सचिन ने खुद सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई कि उसने खुद सिद्धू मूसेवाला को गोलियां मारी हैं। बताया जा रहा है कि ऐसा सचिन ने पंजाब और दिल्ली पुलिस को भ्रमित करने के लिए किया था, जबकि वह इस हत्याकांड से पहले 21 अप्रैल 2022 को ही विदेश भाग गया था।
Moosewala-Murder-Mastermind-Will-Be-Brought-To-India-Security-Agencies-Reach-Azerbaijan-To-Pick-Up-Lawrences-Nephew-Gangster-Sachin-Thapar