ई न्यूज़ पंजाब, लुधियाना पंजाब पुलिस की कारगुजारी एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार निशाने पर दाखा पुलिस है। जिस की ओर से शनिवार दोपहर को मुल्लापुर दाखा में कांग्रेसी उम्मीदवार कैप्टन संदीप संधू के मेन ऑफिस के बाहर हुए कांग्रेसियों के आपसी झगड़े में पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए गुरसेवक सिंह उर्फ गोरा बदोवालिया और तरुणजीत सिंह पर चोरी लूटपाट का मामला बना जेल भेज दिया गया। गुरसेवक सिंह उर्फ गोरा बदोवालिया वही कैश धारी सिख युवक है, जिसका शनिवार दोपहर में कैप्टन संदीप संधू के ऑफिस के बाहर के बाहर वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में गोरा बदोवालिया कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू सहित कांग्रेसियों के खिलाफ गाली गलौज करता दिखाई दे रहा था । पुलिस की ओर से कुलदीप सिंह बदोवालिया के बयानों पर गुरसेवक सिंह और तरुणजीत सिंह पर धारा 379 बी, 341, 323,506 और 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस एफआईआर में पुलिस ने गोरा बदोवालिया पर धक्के से मोबाइल छीनने और तरुणजीत सिंह पर करीब सवा तीन तोले की चेन तोड़ने की बात कही गई है। इस एफआईआर में जहां पुलिस की ओर से उक्त दोनों आरोपियों का माैके से भागने की बात कही जा रही है, वहीं वायरल हुए वीडियों में सरेआम पुलिस आरोपियों को पकड़ कर अपने साथ बैलरो गाड़ी में ले जाते दिखाई दिए हैं। हालांकि एफआईआर के बाद पुलिस कोई अफसर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। इस बारे में गुरसेवक के पिता सौदागार सिंह ने कहा कि उनका बेटा खुद 74 हजार रुपए का फोन रखता है तो उसे किसी का फोन छीनने की क्या जरुरत है। उसने ये कांग्रेस सरेआम धक्केशाही बताते कहा कि वे खुद सालों से कांग्रेस की सेवा करते आए हैं और अब कांग्रेस ने उन्हें ये सिला दिया है। रविवार को गुरसेवक और तरुणजीत के परिवार वाले नई कचहरी में उनका इंतजार करते रहे हैं, लेकिन पुलिस उक्त दोनों आरोपियों को जज के निवास पर ही पेश करवा सीधे जेल ले गई।
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