ई न्यूज़ पंजाब, लुधियाना दाखा विधानसभा के पर हो रहे उपचुनाव से पहले ही कांग्रेस उम्मीदवार कैप्टन संदीप संधू के चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर पार्टी वर्कर गुरसेवक सिंह से मारपीट व बेअदबी का मामला तूल पकड़ गया है। कथित कांग्रेसी कार्यकर्ता व पीड़ित गुरसेवक सिंह के पिता सौदागर सिंह ने इस मामले को लेकर अदालत की शरण ली है। शिकायतकर्ता ने अदालत में पंजाब के कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु व अन्य के विरुद्ध फोजदारी धाराओं के तहत अदालत में अपनी शिकायत दाख़िल कर दी है। जिस पर सुनवाई करते हुए आज ज्यूडिशिएल मजिस्ट्रेट अंकित ऐरी की अदालत ने इसे शिकायतकर्ता की गवाहियों पर रखते हुए इसकी सुनवाई 5 नवम्बर तय की है।शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में मंत्री भारत भूषण आशु,कुलदीप सिंह,अमरजोत सिंह व पुलिस के एएसआई जगदीश पर गम्भीर आरोप लगाते हुये विभिन्न धाराओं 295-ए,323,365,506 व 34 आयीपीसी के तहत दायर अपनी शिकायत में आशु व अन्य पर मारपीट, किडनैपिंग व धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है।शिकायतकर्ता के मुताबिक उनका बेटा गुरसेवक एक अमृतधारी सिख है। वह कांग्रेस का समर्थक है। उसकी गांव के पूर्व सरपंच अमरजोत सिंह से गुटबाजी के चलते रंजिश थी। सौदागर के मुताबिक अमरजोत आप का समर्थक था, लेकिन, सरकार बनने पर वह कांग्रेस में शामिल हो गया और मंत्री का नजदीकी है। सौदागर का आरोप है कि कैप्टन संधू से नजदीकी की होड़ में अमनजोत ने आशु से कहकर गुरसेवक, उसके दोस्त तरनदीप व साथियों को दाखा में कैप्टन के दफ्तर में 12 अक्टूबर को तलब कराया, जहां अमरजोत व उसके साथियों ने इनको गालियां दीं। मौके पर मौजूद मंत्री ने ललकारा दिया कि इनको सबक सिखाआे। इस पर मंत्री के साथियों ने गुरसेवक व उसके दोस्तों को पीटा। इस दौरान मंत्री ने गुरसेवक की पगड़ी उतार दी और अमरजोत ने बचाव कर रहे तरनदीप की पगड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर किडनैपिंग की नीयत से तरनदीप को कार में डालकर ले गए, फिर संधू के दफ्तर के बाहर छोड़ गए। विरोध करने पर मंत्री ने पुलिस बुला उनको पकड़वाकर थाने भिजवाया। जहां उन्हें तो देर रात छोड़ दिया, लेकिन उनके बेटे गुरसेवक पर पुलिस ने मोबाइल व चेन चोरी का झूठा केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।मामले की अगली सुनवाई 5 नवम्बर को होगी
Cabinet minister Ashu