ई न्यूज़ पंजाब, लुधियाना मोबाइल फ़ोन पर कॉल करके बीमा पॉलिसियों में निवेश का झांसा देकर 6 से 7 सालों में लोगों को करीब 100 करोड़ रुपये का फ़्रॉड करने के मामले में पुलिस ने दिल्ली से संबंधित कॉल सेंटर के मालिक और उसके कर्मचारियों का खुलासा किया है। पुलिस ने दिल्ली से एक महिला सहित चार कर्मचारियों को काबू किया है जिनसे 12 मोबाइल फोन और करीब 20,000 बीमा धारकों का डाटा बरामद किया गया है। जांच के दौरान सामने आए कि आरोपियों ने मोबाइल सिम जाली दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए थे। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने 4 रुपए प्रति ग्राहक के आधार पर अलग-अलग बीमा कंपनियों के कर्मचारियों से डाटा खरीदा था। आरोपियों की पहचान नई दिल्ली की मौसमी, सुनील कुमार, दिल्ली के योगेश कुमार और उसके भाई अकाश कुमार के रूप में हुओई है। जबकि काल सेंटर के मालिक की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल के मुताबिक लुधियाना पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली पुलिस की सहायता से बुधवार को काबू किया और उन्हें ट्रांजैक्शन रिमांड पर लुधियाना लेकर आई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह महीने का 10 से 12 लाख रुपए प्रति व्यक्ति कमाते थे। आरोपियों ने बताया कि वह पॉलिसी धारकों को फोन करते थे और उन्हें आकर्षक ऑफर बता कर मनाते थे और उन्हें फर्जी बीमा कंपनियों के पॉलिसी बेचते थे और उनकी ट्रांजैक्शन अपने बैंक खातों में ऑनलाइन करवाते थे। आरोपी झूठे नामों के जरिए ग्राहकों को फोन करते थे गलत जानकारियां देते थे। उन्होंने बताया कि आरोपी 12वीं कक्षा पास है लेकिन वह बहुत होशियार हैं। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर 2019 को थाना सराभा नगर की पुलिस ने राजगुरु नगर के जगदेव सिंह को धोखा देने के आरोप में 12 व्यक्तियों पर केस दर्ज किया था। उन पर पीड़ित को उसकी पॉलिसिया ट्रांसफर करने के नाम पर ललचाकर 3.5 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप था। पीड़ित ने कोई भी फायदा ना मिलने के बाद पुलिस को शिकायत दी जांच के बाद आरोपियों को केस दर्ज किया गया। एसीपी साइबर क्राइम रूपेंद्र कौर भट्टी ने बताया कि जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली में पाया और काबू किया। इसके अलावा ग्राहकों का डाटा बेचने वाले बीमा कंपनियों के कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
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