चंडीगढ़। कांग्रेस के नेता व भुलत्थ के विधायक सुखपाल सिंह खैहरा से जुड़े नौ साल पुराने ड्रग तस्करी मामले की बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। इस मौके सरकार ने अदालत को बताया कि इस मामले में सुखपाल खैहरा के खिलाफ के ट्रॉयल को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। शीर्ष अदालत ने सरकार को लिखित जवाब दाखिल करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। जलालाबाद पुलिस ने वर्ष 2015 में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह सहित 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से 2 किलो हेरोइन, 24 सोने के बिस्कुट, एक देसी 315 बोर पिस्तौल, दो पाकिस्तानी सिम कार्ड और एक टाटा सफारी कार बरामद हुई थी। इस मामले में मार्केट कमेटी ढिलवां के पूर्व चेयरमैन गुरदेव सिंह के साथ कथित संबंधों के कारण खैहरा का नाम सामने आया था। वहीं, खैहरा के साथ-साथ निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जोगा सिंह, निजी सहायक मनीष, बाठ गांव (जालंधर) का एक व्यक्ति, NRI यूके निवासी चरणजीत कौर और बाजवा कलां गांव (जालंधर) के मेजर सिंह बाजवा का नाम भी मामले में सामने आया था। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई थी। कांग्रेसी विधायक सुखपाल खैहरा को 28 सितंबर 2023 को सुबह करीब 5 बजे जलालाबाद जिले की पुलिस ने उनके चंडीगढ़ स्थित घर से गिरफ्तार किया था। हालांकि, वह शुरू से कहते आ रहे हैं कि उन पर गलत केस दर्ज किया है। वह सरकार के खिलाफ मुखर थे। ऐसे में केस दर्ज कर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। वहीं, तीन महीने जब उन्हें जमानत मिली थी तो एक और केस दर्ज किया था। हालांकि अब वह जमानत पर चल रहे हैं।
Punjab-Sukhpal-Khaira-Drug-Smuggling-Case-Government-Said-In-Supreme-Court-That-It-Will-Not-Proceed-With-The-Trial-The-Case-Is-Of-2015