खन्ना। पायल विधान सभा क्षेत्र में 14 अप्रैल को बूथ सम्मेलन के दौरान हुए हंगामे के बाद भाजपा का कलेश खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इस हंगामे के बीच जहां दलित नेता गुलजार राम ने मारपीट के आरोप में दो भाजपा नेताओं समेत 5 लोगों खिलाफ केस दर्ज कराया। वहीं अब भाजपा जिलाध्यक्ष भूपिंदर सिंह चीमा ने गुलजार राम और उसकी पत्नी जसवीर कौर को पार्टी के पदों से हटाने का ऐलान किया। साथ ही कारण बताओ नोटिस निकाला गया। भूपिंदर सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा सभी वर्गों का सत्कार और सम्मान करती है। गुलजार राम ने किसी के इशारे पर पार्टी के बूथ सम्मेलन में हंगामा किया। पार्टी का अनुशासन भंग किया। उल्टा झूठे बयान दर्ज करवाकर केस दर्ज कराया गया। उनके पास पूरे सबूत हैं। फिलहाल पहले पार्टी स्तर पर कार्रवाई की गई है। कारण बताओ नोटिस का संतुष्ट जवाब न मिलने पर दोनों को पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। गुलजार राम और उनकी पत्नी जसवीर कौर ने कहा कि भूपिंदर सिंह चीमा उन्हें पार्टी से निकालने वाले कौन होते हैं। गुलजार ने कहा कि उन्हें न तो पार्टी हाईकमान की तरफ से कोई पत्र मिला है और न ही किसी ने फोन पर कोई सूचना दी है। हाईकमान के फैसले को वे स्वीकार करेंगे। चीमा का ऐलान कोई मायने नहीं रखता। वहीं जसवीर कौर ने कहा कि वे महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष हैं। उन्हें हाईकमान ने पद दिया है, चीमा ने नहीं।
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