जालंधर। पंजाब के श्री खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के बड़े भाई हरप्रीत सिंह हैप्पी को ड्रग्स मामले आज पुलिस द्वारा जालंधर सेशन कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड कितना मिला, फिलहाल इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बता दें कि गिरफ्तार के बाद पुलिस को फिल्लौर कोर्ट से रिमांड नहीं मिला था। इसको लेकर फिल्लौर पुलिस ने जालंधर सेशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसमें रिमांड की मांग की गई थी। जिस पर आज यानी शुक्रवार को सुनवाई हो रही है। हैप्पी को फिल्लौर पुलिस ने उसके साथी लवप्रीत के साथ 11 जुलाई की शाम फिल्लौर हाईवे से पकड़ा था। इनके पास से 4 ग्राम आइस बरामद हुई थी। निचली अदालत से दोनों का रिमांड न मिलने के कारण पुलिस ने एडिशनल सेशन जज केके जैन की अदालत में क्रिमिनल रिवीजन अर्जी दाखिल की है। जिस पर आज सुनवाई होगी। वहीं, हैप्पी और लवप्रीत जिस व्यक्ति से ड्रग्स लेकर आए थे, उसे पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। इनमें आइस सप्लायर संदीप अरोड़ा और संदीप के फोटोग्राफर दोस्त मनीष मरवाहा का नाम शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार हैप्पी और लवप्रीत अपने क्रेटा गाड़ी में सवार होकर लुधियाना के हैबोवाल के रहने वाले संदीप से 10 हजार रुपए की आइस ड्रग लेकर आए थे। पुलिस ने संदीप को भी पकड़ा लिया था। इस पर एसएसपी अंकुल गुप्ता ने कहा था कि रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस ने फिल्लौर हाईवे से दोनों को गिरफ्तार किया था। दोनों काले शीशे वाली सफेद क्रेटा कार में बैठकर ड्रग्स लेने की तैयारी कर रहे थे। आरोपियों के पास लाइटर और पन्नी थी। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के वकील ईमान सिंह ने हरप्रीत की गिरफ्तारी पर कहा था कि पुलिस ने सियासत के दबाव में आकर झूठा केस दर्ज किया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी द्वारा बदलाखोरी की राजनीति की जा रही है। आम आदमी पार्टी द्वारा अमृतपाल की देखरेख में बनाई जा रही पार्टी को क्षति पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। जिससे क्षेत्रीय पार्टी पंजाब में सिर न उठा सके। ये झूठा केस 2-4 ग्राम के लिए बना दिया गया। जिले का एसएसपी सिर्फ चार ग्राम नशीले पदार्थ के लिए प्रेसवार्ता कर रहा है। इस झूठे केस में उच्च अधिकारी कैसे शामिल हैं, एसएसपी की प्रेसवार्ता से पता चलता है। आगे तो कभी गाड़ियों की चेकिंग हाईवे पर नहीं हुई, मगर आज ही होनी थी। ऐसे में पहले भी अमृतपाल सिंह के परिवार को टारगेट किया गया था।
Police-Took-Amritpals-Brother-To-Court-In-Punjab-He-Was-Arrested-In-A-Drug-Case-Criminal-Revision-Application-Filed-Decision-On-Remand-Soon