अघोषित बिजली कटों के विरोध में सोखी के नेतृत्व में जनता नगर मंडल के सामने अकाली दल का विशाल रोष धरना
Sep16,2026
| Enews Team | Ludhiana
यशपाल शर्मा, लुधियाना
पंजाब सरकार के पीएसपीसीएल विभाग द्वारा पूरे पंजाब में लगाए जा रहे अघोषित बिजली कटों के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के दिशा-निर्देशों पर पंजाब के 117 विधानसभा हलकों में बिजली कार्यालयों के सामने दिए जा रहे रोष धरनों की कड़ी के तहत विधानसभा हलका आत्म नगर में पड़ते जनता नगर मंडल के सामने हलका प्रभारी जगबीर सिंह सोखी के नेतृत्व में विशाल रोष धरना दिया गया। धरने में वरिष्ठ अकाली नेता एवं चुनाव घोषणा-पत्र कमेटी के सदस्य महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, पार्षद रक्खविंदर सिंह गाबड़िया, वरिष्ठ अकाली नेता रितेशइंदर सिंह ग्रेवाल और कवलजीत सिंह नरूला विशेष रूप से शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए महेशइंदर सिंह ग्रेवाल ने कहा कि बदलाव के नाम पर पंजाबवासियों ने सत्ता ऐसे लोगों के हाथों में दे दी, जिन्हें राज्य चलाने का कोई अनुभव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार दिल्ली के नेताओं के इशारे पर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की प्रचार-प्रसार गतिविधियों के लिए मान सरकार ने पंजाब पर करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चढ़ा दिया है। ग्रेवाल ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल की सरकार के समय पंजाब बिजली सरप्लस राज्य बन गया था, लेकिन उसके बाद की सरकारों ने बिजली उत्पादन की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उनके अनुसार, इसी कारण मौजूदा सरकार को महंगी दरों पर बिजली खरीदकर पंजाबवासियों को उपलब्ध करवानी पड़ रही है। इस मौके पर विधानसभा हलका आत्म नगर के प्रभारी जगबीर सिंह सोखी ने कहा कि पंजाबभर में औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ घरेलू उपभोक्ताओं को भी लगातार अघोषित बिजली कटों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण आम लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और छोटे कारोबारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है, लेकिन मौजूदा हालात ने सरकार की बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आप सरकार हर मोर्चे पर रही विफिल
धरने के दौरान महिला विंग की अध्यक्ष प्रीति अरोड़ा, तेजा संधू, रितेशइंदर सिंह ग्रेवाल और सुरजीत सिंह दंगा पीड़ित सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। नेताओं ने आरोप लगाया कि भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली आप सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने कहा कि मान सरकार के कार्यकाल में शिक्षक, कंप्यूटर शिक्षक, आंगनवाड़ी कर्मचारी, बिजली कर्मचारी और पेंशनरों सहित विभिन्न कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिल्ली के नेताओं से जुड़े लोगों को दिया जा रहा है और इन योजनाओं के नाम पर पंजाब का पैसा बाहर जा रहा है। नेताओं ने महिलाओं को दिए जा रहे 1,000 रुपये प्रतिमाह पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएं पैसे के बदले अपना वोट नहीं बेचेंगी। उन्होंने कहा कि यदि पंजाबवासी दोबारा राज्य में सर्वपक्षीय विकास देखना चाहते हैं तो शिरोमणि अकाली दल को सत्ता में लाना जरूरी है।
कई नेता रहे मौजूद
इस मौके पर उपरोक्त नेताओं के अलावा जनरल काउंसिल सदस्य सतनाम सिंह कैले, हरप्रीत सिंह डंग, सुखजीवन सिंह गिल, अरविंदर सिंह रिंकू, सर्कल अध्यक्ष संतोष सिंह, अमनजोत सिंह गोहलवड़िया, परवीन कुमार भारती, बलकार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खालसा, सरबजीत सिंह छापा, तरनजीत सिंह निमाणा, स्वर्ण सिंह महौली, हरमेल सिंह म्सा, मनजीत सिंह मक्कड़, भूपिंदर सिंह, बीबी रानी धालीवाल, जनरल सचिव बीबी भूपिंदर कौर दुग्गरी, रणजीत सिंह छाबड़ा, हरपाल सिंह मक्कड़, अपजिंदर सिंह गोल्डी, अमरजीत सिंह, उपाध्यक्ष मनदीप सिंह शेरगिल और सुरजीत सिंह लोटे सहित अन्य नेता मौजूद रहे। इसके अलावा गुरचरण सिंह गुरु, डॉक्टर जॅसी, गुरप्रीत सिंह और डॉक्टर रणजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में उद्योगपति, दुकानदार और हलका निवासी धरने में शामिल हुए।
Massive-Protest-Demonstration-By-The-Akali-Dal-Led-By-Sokhi-In-Front-Of-The-Janta-Nagar-Mandal-Against-Unannounced-Power-Cuts