September 17, 2026 11:57:17
ईडी ने पकड़ा पंजाब में बड़ा रियल्टी सेक्टर स्कैम, सेक्रेटरी अजय सहगल गिरफ्तार

ईडी ने पकड़ा पंजाब में बड़ा रियल्टी सेक्टर स्कैम, सेक्रेटरी अजय सहगल गिरफ्तार

- चंडीगढ़, पंजाब में रियल्टी सेक्टर के कई प्रोजेक्ट जांच के घेरे में

May23,2026 | Yashpal Sharma | Ludhiana


यशपाल शर्मा, लुधियाना

 पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़ा एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट खड़े करने का आरोप लगा है। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया है। ED ने सहगल को 22 मई (शुक्रवार) को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया। आरोप है कि किसानों की सहमति के बिना उनकी जमीन के नकली कंसेंट लेटर तैयार किए गए और उन्हीं दस्तावेजों के जरिए सरकारी मंजूरी हासिल कर बड़े-बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट खड़े कर दिए गए।

 किसानों ने की पुलिस से शिकायत 

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब कई किसानों ने पंजाब पुलिस से शिकायत की कि उनकी जमीन के संबंध में फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं, किसानों का आरोप था कि उन्होंने कभी भी अपनी जमीन के इस्तेमाल को बदलने यानी Change of Land Use (CLU) के लिए कोई मंजूरी नहीं दी, लेकिन उनके नाम पर सरकारी रिकॉर्ड में सहमति पत्र जमा कर दिए गए। इसी शिकायत के आधार पर पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज की थी। बाद में ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि अजय सहगल और उससे जुड़े लोगों ने करीब 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े 15 किसानों के नकली सहमति पत्र तैयार किए थे। इन दस्तावेजों में किसानों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए और नकली अंगूठे के निशान लगाए गए ताकि सरकारी अधिकारियों को दिखाया जा सके कि जमीन मालिक इस प्रोजेक्ट के लिए तैयार हैं।

 फर्जी CLU लेकर खड़ा किया संटेक सिटी

 ED की जांच के मुताबिक इन फर्जी कंसेंट लेटर के आधार पर संटेक सिटी नाम का बड़ा रियल एस्टेट मेगा प्रोजेक्ट तैयार किया गया। CLU यानी Change of Land Use किसी भी कृषि जमीन को रिहायशी या कमर्शियल इस्तेमाल में बदलने की सरकारी मंजूरी होती है। बिना CLU के कोई भी बिल्डर खेती की जमीन पर कॉलोनी या कॉम्प्लेक्स नहीं बना सकता। जांच एजेंसी का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए यह मंजूरी हासिल की गई और फिर बड़े स्तर पर प्लॉटिंग और निर्माण शुरू कर दिया गया। ED के मुताबिक यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं था बल्कि इसी मंजूरी के आधार पर कई और बड़े निर्माण भी किए गए । 

ला कैनेला और डिस्ट्रिक्ट 7 भी जांच के घेरे में

 ईडी ने खुलासा किया है कि अजय सहगल ने सिर्फ संटेक सिटी ही नहीं बल्कि La Canela नाम का रिहायशी मल्टी-स्टोरी प्रोजेक्ट और District 7 नाम का कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी इसी विवादित CLU के आधार पर विकसित किया। आरोप है कि इन प्रोजेक्ट्स में फ्लैट, दुकानें और यूनिट्स की बिक्री नियमों को ताक पर रखकर शुरू कर दी गई थी। जांच में सामने आया कि कई यूनिट्स की बिक्री उस समय की गई जब तक प्रोजेक्ट को RERA यानी रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से मंजूरी और रजिस्ट्रेशन नहीं मिला था। यानी खरीदारों से पैसा लिया जा रहा था लेकिन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी।

 बालकनी से फेंके गए 21 लाख रुपए

इस मामले में 7 मई 2026 को ED ने बड़ी छापेमारी की थी. इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी और ABS Township Private Limited से जुड़े 8 ठिकानों पर एक साथ रेड डाली गई। ED के मुताबिक रेड के दौरान इमारत की बालकनी से करीब 21 लाख रुपए नकद नीचे सड़क पर फेंक दिए गए. नोट बालकनी के नीचे लगी जाली से निकलकर सड़क पर बिखर गए. बाद में ED के अधिकारियों ने पूरे इलाके को घेरकर वह नकदी बरामद की। एजेंसी को शक है कि यह रकम जांच से बचने के लिए जल्दबाजी में फेंकी गई थी। गरीबों के लिए आरक्षित प्लॉट भी नहीं सौंपे 

GMADA और सरकारी अधिकारियों पर भी ED की नजर

ED की जांच अब सिर्फ बिल्डर तक सीमित नहीं रही. एजेंसी अब GMADA और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। ED का दावा है कि कई सरकारी अधिकारियों ने कथित तौर पर रिश्वत लेकर फर्जी दस्तावेजों को मंजूरी दिलाने में मदद की। जांच एजेंसी के मुताबिक पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई चर्चा के बावजूद सिर्फ 30 एकड़ जमीन का आंशिक CLU रद्द किया गया। आरोप है कि जानबूझकर सख्त कार्रवाई नहीं की गई ताकि संटेक सिटी अपने बाकी फ्लैट और प्लॉट बेच सके। ED का कहना है कि जहां पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एक्ट की धारा 90 के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी, वहां हल्की कार्रवाई वाली धारा 85 लगाई गई। 

रियल एस्टेट-सरकारी गठजोड़ की जांच

 ED का कहना है कि यह मामला सिर्फ फर्जी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है बल्कि पंजाब में रियल एस्टेट सेक्टर और कुछ सरकारी अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन अधिकारियों ने रिश्वत लेकर नियमों के खिलाफ मंजूरी दी और कितने लोगों को इसका फायदा पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक जांच में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ED ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में GMADA और टाउन प्लानिंग विभाग से जुड़े कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि कैसे किसानों की जमीन, फर्जी दस्तावेज और सरकारी मंजूरियों के जरिए करोड़ों रुपए का रियल एस्टेट कारोबार खड़ा किया गया।

Ed-Unearths-Major-Realty-Sector-Scam-In-Punjab-Arrests-Secretary-Ajay-Sehgal



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