पंजाब। पंजाब में बढ़ती पावर डिमांड के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने लोड से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर सख्ती करने के आदेश जारी किए हैं। कंज्यूमर्स ने अगर तय लोड से 10% ज्यादा बिजली खर्च की तो 7 दिन के भीतर नोटिस मिल जाएगा। कंज्यूमर्स उसके बाद भी लगातार तय लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली का इस्तेमाल करते रहे तो उनसे जुर्माना व अन्य खर्चे वसूले जाएंगे। तीसरी बार में PSPCL कंज्यूमर्स के खिलाफ बिजली चोरी का केस बनाकर FIR दर्ज करवा देगा। PSPCL मैनेजेंट ने अफसरों को सख्त हिदायतें दी हैं कि अगर लगातार लोड से 10 प्रतिशत ज्यादा बिजली खर्च करने वाले कंज्यूमर्स पर कार्रवाई नहीं की तो उनके खिलाफ ही एक्शन लिया जाएगा। पंजाब में बिजली सप्लाई सिस्टम को पटरी पर लाने और रेवेन्यू के नुकसान को बचाने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड-2024 में संशोधन किया है। PSPCL मैनेजमेंट ने सभी चीफ इंजीनियर्स को आदेश जारी किए हैं कि नए संसोधनों को लागू करवाएं। नए संशोधन के मुताबिक, अब कंज्यूमर्स को अपनी कॉन्ट्रैक्ट डिमांड (स्वीकृत लोड) का सख्ती से पालन करना होगा। PSPCL ने स्पष्ट किया है कि अब नोटिस भेजने की प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बना दिया गया है, ताकि कोई भी नियम तोड़ने वाला बच न सके।
पहली गलती पर सिर्फ चेतावनी
अगर आपके बिल में बिजली की डिमांड आपके तय लोड से 10% ज्यादा आती है और इस वजह से आपकी कैटेगरी छोटे उद्योग से मध्यम उद्योग में बदल जाती है, तो PSPCL आपको बिल आने के 7 दिनों के भीतर लिखित नोटिस भेजेगा। नोटिस में कंज्यूमर्स को चेतावनी दी जाएगी कि अपना लोड कम रखें और दोबारा ऐसा न करें। इस बिल पर कंज्यूमर्स को सिर्फ डिमांड सरचार्ज (जुर्माना) देना होगा।
दूसरी बार गलती पर जुर्माना
अगर नोटिस मिलने के तुरंत अगले महीने भी आपकी खपत लोड से ज्यादा है, तो भी आप पर केस (UUE) दर्ज नहीं होगा। आपसे सिर्फ बढ़ी हुई बिजली का जुर्माना वसूला जाएगा। अगर आपने दो बार चेतावनी मिलने के बाद फिर वही गलती दोहराई, तो PSPCL आप पर UUE का केस बना देगा। इसके बाद PSPCL कंज्यूमर्स पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ केस भी दर्ज करवा सकता है। जिस महीने आप पर केस (UUE) बनेगा, उसका चार्ज 30 दिन के हिसाब से लगाया जाएगा। अगर आपने पहले ही नॉर्मल बिल या जुर्माना भर दिया है, तो उसे नए जुर्माने में एडजस्ट कर लिया जाएगा।