चंडीगढ़, 23 जूनः पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब सरकार द्वारा नये मिनी बस पर्मिट जारी करने संबंधी आवेदन लेने पर रोक लगाने की मौजूदा मिनी बस ऑपरेटरों की विनती को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ट्रांसपोर्ट के कारोबार में एकाधिकार और अनुचित मुनाफाखोरी को रोकने की अपनी सरकार की वचनबद्धता के अनुसार नये मिनी बस परमिट जारी करने संबंधी ऐलान किया था और मौजूदा आॅपरेटरों द्वारा नये पर्मिट जारी करने संबंधी सरकार के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी जिन्होंने सरकार द्वारा पर्मिटों के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की माँग की थी। परमिट के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की विनती को रद्द करते हुए अदालत ने राज्य सरकार की इस दलील को स्वीकार कर लिया कि 30 जून की समय सीमा निर्धारित करना प्रशासनिक सुविधा का विषय था, और यह कि पर्मिट देने की प्रक्रिया, जिसमें 1400 से अधिक ग्रामीण रूट शामिल थे, के लिए कुछ समय लगने की संभावना थी। सरकार के पक्ष का बचाव करते हुए पंजाब के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल रमीज़ा हकीम ने दलील दी कि मौजूदा मिनी बस आॅपरेटरों द्वारा दायर की गई याचिका नये आपरेटरों को बाहर रखने, ग्रामीण यातायात की जुटबंदी और मौजूदा बस ऑपरेटरों का एकाधिकार बनाए रखने की तरकीब के सिवा और कुछ नहीं था क्योंकि इनमें से बहुत से बस आपरेटरों की बसें पिछले 25 सालों से बिना किसी अच्छी प्रतिस्पर्धा के रूटों पर चल रही हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विधानसभा के बजट सैशन के दौरान 5000 मिनी बस पर्मिट जारी करने का ऐलान किया था जिसके अनुसार ट्रांसपोर्ट विभाग ने यह पर्मिट देने संबंधी आवेदनों की माँग के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किये था। इस प्रक्रिया की शुरुआत मार्च 2020 के शुरू में एक सार्वजनिक मुहिम के जरिये की गई थी। सरकार के इस कदम को मौजूदा निजी मिनी बस ऑपरेटरों ने इस आधार पर चुनौती दी थी कि प्रस्तावित नीति अधीन 30 जून 2020 तक मिनी बस पर्मिट अंधाधुन्ध और बेरोक जारी किये जाएंगे जिससे ग्रामीण ट्रांसपोर्ट मार्केट में भीड़ बढ़ेगी जो राज्य की ट्रांसपोर्ट योजना के लिए परेशानी का संयोग बनेगी। इस मामले की सुनवाई जस्टिस श्री रंजन गुप्ता और करमजीत सिंह के एक डिवीज़न बैंच ने की। नये आवेदकों द्वारा दाखिल याचिकाएं मुकम्मल होने के बाद यह मामला अगस्त में अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
High Court Refuses To Stay Capt Amarinder Govt Mini Bus Permit Drive