पंजाब डायर्स एसोसिएशन (पीडीए) की ओर से ताजपुर रोड पर निर्माणधीन 50 एमएलडी कॉमन एफयूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट को फंड मुहैया करवाने में डाले जा रहे अडंगों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्र व पंजाब सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। पीडीए की ओर से इस मामले में एक याचिका एनजीटी में दायर की गइ थी और मंगलवार को इस मामले में सुनवाई थी। जिसमें पंजाब सरकार से साइंस एंड टेक्नोलॉजी के सेक्रेटरी व केंद्रीय मंत्रालय के उच्च अधिकारी उपस्थित हुए। जबकि पीडीए की ओर से एडवोकेट इंद्र कुमार की ओर से पूरा पक्ष एनजीटी के समक्ष रखा गया। एडवोकेट इंद्र कुमार के हवाले से पूरे मामले की जानकारी देते पीडीए के महासचिव बॉवी जिंदल ने जानकारी देते बताया गया कि इस पूरे मामले पर एनजीटी ने संज्ञान लेते हुए केंद्रीय मंत्रालय व पंजाब सरकार को तीन सप्ताह के भीतर पूरी बकाया राशि अदायगी करने को कहा है और इस संबंधी एक सप्ताह के भीतर हल्फनामा दायर करने को कहा है। कोर्ट ने फटकार लगाते कहा कि इन आदेशों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेशों की उल्लंघना करने के तहत सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही। अदालत के इस फैसले पर पंजाब डायर्स एसोसिएशन को साल 2020 के भीतर ये प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद बंध गई है। करीब 60 से 65 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के लिए 3-3 करोड़ व पंजाब सरकार से मात्र 1.5-1.5 करोड़ रुपए ही जारी किए गए हैं।
Ngt Order On Tajpur Road Cetp