कोरोना महामारी को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा प्रतिदिन नई बयानबाजी कर उसे अमलीजामा पहनाया जा रहा है। गत दिनों कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक फरमान जारी करते हुए विवाह शादियों में 30 और शोकसभा में 20 लोगों से ज्यादा इकट्ठे होने पर एफ आई आर दर्ज करने का हुक्म दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले 50 लोग शामिल हो सकते थे , उक्त विचार पंजाब प्रदेश व्यापार मण्डल के राज्य महासचिव सुनील मेहरा,राज्य सचिव महिंद्र अग्रवाल,चेयरमैन पवन लहर,जिला अध्यक्ष अरविन्द्र सिंह मक्कड़ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे । उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब वासियो से कैसा मजाक कर रहे है कि सूबे में चलाई जा रही बसों में तो 50 लोग सफर कर सकते है , पर सोशल समारोह में सीमित लोग भाग ले सकते है उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग करते हुए कहा कि सरकार कोरोना से जंग लड़ रही है या पंजाब वासियो से मजाक, क्योंकि बसों में सामाजिक दूरी ना रखते हुए भी सफर करने से कोरोना नहीं होगा । परन्तु सोशल समारोह में अगर 50 से ज्यादा वयक्ति भाग लेंगे तो कोरोना होने का डर रहेगा। दूसरी तरफ मंडल सदस्यों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है जिसमे कोवा एप के माध्यम से 72 घंटो के लिए पंजाब आने वालो को अब कवारटाईन नहीं होना पड़ेगा ! इससे बाहर से आने वाले व्यपारियो को कुछ राहत मिलेगी और वेंटिलेटर पर चल रहे पंजाब के वयापार के चलने के आसार पैदा होंगे। वहीं बॉर्डर पर अफसरों की आपसी तालमेल की कमी के कारण बाहर से व्यापारी अब पंजाब में आने से कतराने लगे है, जिसका असर पंजाब के व्यापार पर पड़ रहा है। अफसरों की आपसी तालमेल की कमी के कारण शम्भू बैरियर पर बाहर से आने वाले व्यापारियों को ई पास के लिए काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए । उन्होंने सरकार से अफसरशाही पर नकेल डालने की मांग करते हुए कहा कि पंजाब के बार्डर पर अफसरो द्वारा व्यापारियों को बहुत तंग किया जा रहा है।
Punjab Vyapar Mandal Objected To The Corona Guidelines