जालंधर। अब पंजाब में बड़े स्टेडियम बनाने के बजाय ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा। राज्य में खेल को सुचारु तरीके से चलाने के लिए खिलाड़ियों की ही समिति बनाई जा रही है, जिसमें करीब 20 खेलों से संबंधित खिलाड़ी सदस्य होंगे, ताकि उनके निजी अनुभवों का लाभ लिया जा सके। ये जानकारी मंगलवार को खेल मंत्री परगट सिंह ने सेक्टर-26 स्थित एक बैठक के दौरान कहे। साथ ही पूर्व ओलंपियनों की लंबित मांग को पूरा करते हुए परगट सिंह ने सोमवार को पदक विजेता अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की पेंशन पर आय सीमा की लागू शर्त हटाने का ऐलान किया। मंत्री ने कहा कि खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी कर रहे खिलाड़ियों की सेवाएं खेल विभाग द्वारा ली जाएंगी, जिसके लिए सरकार नीति बना रही है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को न्योता दिया जो अपनी इच्छा से डेपुटेशन पर खेल विभाग से जुड़कर संबंधित खेल की बागडोर संभालें। उन्होंने इस बात की भी वकालत की कि बड़े खिलाड़ी सरकारी नौकरी ज्वाइन करते समय खेल विभाग को प्राथमिकता दें, ताकि वह अपने संबंधित खेल का नेतृत्व कर सकें। उन्होंने खिलाड़ियों से शिक्षा विभाग में सेवाएं देने का भी आह्वान किया ताकि छोटी आयु से ही खिलाड़ी की नींव रखी जाए। मीटिंग के दौरान खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने अपने सुझाव दिए, जिनमें छोटी उम्र से ही बच्चों को खेल से जोड़ना, प्रशिक्षकों की तैनाती, स्कूल-कॉलेजों के शारीरिक शिक्षा, अध्यापकों का खेल विभाग के साथ तालमेल कर खेल केंद्र चलाने, स्कूलों में एक दिन बच्चों के खेलने के लिए तय करना, सरहदी क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम बनाना, प्रशिक्षकों को इनाम, पुराने खिलाड़ियों को हीरो के तौर पर उभारना, स्टेट से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए नौकरियां और नकद इनाम नियमित तौर पर देने, खिलाड़ियों का स्वास्थ्य बीमा, सभी खेल स्टेडियम छुट्टी वाले दिन आम लोगों के लिए भी खोलने, पूर्व ओलंपियनों और अवार्डियों की पेंशन पर लगी रोक हटाना आदि शामिल हैं। इसके अलावा बड़े स्टेडियम बनाने के बजाय खेल मैदान जैसे ट्रैक, एस्टोटर्फ, कोर्ट आदि बनाने का सुझाव भी दिया।
Training Centers Will Be Launched For The Players In Punjab