चुनाव प्रचार के बाद वोटें ड़लते ही नगर निगम को जवाहर नगर कैंप की गलियों में लगने वाली अवैध रेहड़ी फड़ी पर कार्रवाई की याद आ गई। निगम की तहबाजारी शाखा की ओर से की गई इस कार्रवाई दौरान हुए स्थानीय लोगों के विरोध ने साफ कर दिया कि ये कार्रवाई कोई सरकारी नहीं, ब्लकि इसमें कहीं न कहीं चुनावी टसल का दर्द छिपा हुआ है और अब खन्नस निकालने को इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। जवाहर नगर कैंप में कांग्रेसी काैंसलर मनप्रीत सिंह बंटी का चुनाव प्रचार दौरान स्थानीय इलाका निवासियों की ओर से किए गए विरोध का ही खामियाजा मार्केट में लगने वाली रेडी पड़ी दुकानदारों को उठाना पड़ा। कल मार्केट में नगर निगम की तहबाजारी शाखा की ओर से सख्त कार्रवाई करते हुए दर्जनों रेडियो को उठाकर कब्जे में ले लिया गया जिसको लेकर स्थानीय निवासियों व दुकानदारों ने भी जमकर पार्षद बंटी और नगर निगम मुलाजिमों का विरोध किया। गौर हो कि चुनाव प्रचार दौरान स्थानीय इलाका पार्षद बंटी को इलाका निवासियों का काफी विरोध झेलना पड़ा था और उनकी इस इलाके में एंट्री पर भी हंगामे का माहौल पैदा हुआ था। विरोध करने वालों का आरोप था कि बंटी ने जवाहर नगर में कुछ नहीं करवाया और अब उसे यहां नहीं आने देंगे। जिसके चलते वेस्ट विधानसभा से चुनाव लड़ रहे मौजूदा कैबिनेट मंत्री वह कांग्रेस के उम्मीदवार भारत भूषण आशू को भी कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ा था । आज नगर निगम की ओर से की गई कार्रवाई कहीं ना कहीं कांग्रेसी पार्षद के विरोध का दूसरा चेहरा है, मतलब पार्षद के विरोध के कारण ही इस पूरी कार्रवाई को सरकारी मशीनरी के जरिए अंजाम दिया गया है। इस बात का खुलासा इस कार्रवाई के घेरे में आए कुछ दुकानदार भी सरेआम मीडिया के समक्ष करते दिखे । उन्होंने कहा कि वे सालों से यहां पर रेडी लगाते आ रहे हैं तो आज ही उन पर यह कार्रवाई क्यों की गई। सीधे-सीधे पार्षद के इशारे पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है और इसमें कई उच्च नेता भी शामिल है।
Municipal Action On Rehri Fadi In Jawahar Nagar Camp Election Tussle Or Any Other Lament