पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद भले ही अभी तक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से लोकल गवर्नमेंट का कोई मंत्री न लगा चार्ज अपने पास रखने के बाद आज उनकी ओर से कार्रवाई का दौर आरंभ कर दिया गया है । मुख्यमंत्री भगवंत मान का पहला एक्शन जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में देखने को मिल रहा है, जहां पर एलडीपी और विवादित प्लाटों की अलॉटमेंट को लेकर चंडीगढ़ से चीफ विजिलेंस ऑफिसर राजीव सेकड़ी की ओर से अपनी पूरी टीम के साथ आज सुबह से छापामारी करते हुए रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया जा रहा है।जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में कांग्रेसी नेता दलजीत सिंह आहलूवालिया चेयरमैन है। बताया जाता है कि चंडीगढ़ से आई सीवीओ टीम इन विवादित फाइलो का पूरा रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले रही है। बताया जाता है कि इन एलडीपी और विवादित प्लाटों की अलॉटमेंट किए जाने का मामला जालंधर सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ था। जानकार बता रहे हैं कि भगवंत मान का अगला एक्शन लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हो सकता है। लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम की ओर से भी कुछ विवादित एलडीपी व अन्य अलॉटमेंट के केसों पर लगातार लोकल गवर्नमेंट के प्रिंसिपल सेक्टरी सहित डायरेक्टर और सीवीओ पर दबाव बनाया जाता रहा था , लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार हो रहे खुलासों के चलते वह इसमें कामयाब नहीं हो पाए थे ।लेकिन जानकार बताते हैं कि भले ही रमन बालासुब्रमण्यम चेयरमैन की कुर्सी से उतर गए हैं लेकिन इसके बावजूद उनकी ओर से इन प्लाटों की अलॉटमेंट के लिए गए लाखों रुपए कहीं वापस न मोड़ने पड़ जाए इसलिए वह अभी भी चंडीगढ़ पहुंच अफसरों से सेटिंग कर पेंडिंग प्रस्तावों की मंजूरी का जोर लगा रहे हैं। बात करें लुधियाना ट्रस्ट की तो यहां भी प्लॉटों की बंदरबांट के अलावा डेवलपमेंट वर्क्स की ईटेंडरिंग और सरकारी जमीनों को बेचने के लिए की गई ई ऑक्शन एक बड़ा जांच का विषय है, जिसमें करोड़ों रुपए का घोटाला किए जाने का अंदेशा लगातार जताया जाता रहा है । इसमें एक इंजीनियरिंग विंग का एसडीओ स्तर का अधिकारी बड़ी कड़ी है । अगर यह अधिकारी जांच के दायरे में आ जाता है तो इस पूरे घोटाले से कई परतें हट सकती हैं। इसके साथ साथ पिछले 6 महीने में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से करीब 100 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर बनाई सड़कें जो बरसाती सीजन से पहले ही टूट कर हाथ में आ गई है, में भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है और इसमें चले कमीशन के खेल कई अधिकारियों की मुश्किलों को बढ़ा सकता है।
Cvo Raid In Jalandhar Improvement Trust