September 18, 2026 20:11:15
शहर में चर्चा- पार्ट- 2---- क्या अब एडवरटाइजिंग कंपनी लीफ बेरी भी हो गई आम आदमी पार्टी की चेहेती कंप

शहर में चर्चा- पार्ट- 2---- क्या अब एडवरटाइजिंग कंपनी लीफ बेरी भी हो गई आम आदमी पार्टी की चेहेती कंपनी ?

क्या अब लगेगा पूर्व मंत्री आशू व लीफ बेरी के बीच के संबंधों पर विराम

लीफ बेरी कंपनी के डायरेक्टर ने इन चर्चाओं को बताया गलत

Mar22,2022 | Yashpal Sharma | Ludhiana

आम आदमी पार्टी की ओर से लुधियाना के कारोबारी और रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्री के एमडी संजीव अरोड़ा को राज्य सभा मेंबर के लिए नामांकित किए जाने के बाद शहर में कई तरह की चर्चाएं होनी शुरू हो गई है। ई न्यूज़ पंजाब की ओर से लगातार ऐसी चर्चाओं को पब्लिक के बीच में लाया जा रहा है । आज हम बात करने जा रहे हैं एक अन्य चर्चा की जो लीफ बेरी कंपनी से जुड़ी है। लीफ बेरी कंपनी वही कंपनी है, जिसको पंजाब सरकार की ई टेंडरिंग सिस्टम के जरिए लुधियाना में ओपन एडवरटाइजिंग का बड़ा टेंडर 7 साल के लिए दिया गया है। यह कंपनी राज्यसभा मेंबर के लिए नामांकित किए गए संजीव अरोड़ा के बिजनेस पार्टनर हेमंत सूद की है। लीफ बेरी को यह टेंडर पूर्व कांग्रेसी की सरकार में दिया गया था, इसलिए इस टेंडर के साथ लुधियाना से कैबिनेट मंत्री बने भारत भूषण आशू का नाम खूब जोड़ा गया था और ऐसी भी चर्चा थी कि भारत भूषण आशू की भी कंपनी के बीच में हिस्सेदारी है। कोविड के दौरान इसी कंपनी पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बड़ी दरियादिली दिखाते हुए टेंडर की शर्तों में बदलाव कर सालाना सरकारी अदायगी में बड़ी छूट दे दी गई और इस पर भी तब यही बातें सामने आई कि इस मेहरबानी में भी भारत भूषण आशू का बड़ा योगदान है। लेकिन पंजाब से कांग्रेस सरकार की विदाई और आम आदमी पार्टी के सरकार के अस्तित्व में आने के बाद इस पिक्चर में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शहर में चर्चा है कि सनी अरोड़ा के अब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा मेंबर के तौर पर नामांकित किए जाने से क्या अब लीफ बेरी कंपनी जिस पर तमाम तरह के आरोप शहर की जनता और राजनीतिक पार्टी से जुड़े नेता लगाते रहे हैं कि क्या अब यह सभी आराेप धुल गए है या कहें कि क्या अब लीफ बेरी कंपनी अब आम आदमी पार्टी की कंपनी बन गई है। इसके साथ साथ एक बड़ा सवाल की भारत भूषण आशू जिनका नाम लीफ बेरी कंपनी के साथ जोड़ जा रहा था कि वह भी एक भ्रम था या यह कंपनी के कर्ताधर्ता सरकार बदलते ही कांग्रेस को छोड़ आम आदमी पार्टी के हो गए। ऐसे तमाम तरह के सवाल हैं जिनका जवाब आने वाले दिनों में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को देना पड़ सकता है। कोविड़ के बहाने सरकार की आमदन में लगा 100 करोड़ का चूना बात करें लीफ बेरी पर राजनेताओं और सरकार की आईएएस लॉबी की तो इस कंपनी पर पूरी मेहरबानी बनी रही है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि लीफ बेरी के साथ हुए करार मुताबिक उक्त कंपनी ने हर साल ₹25 करोड़ नगर निगम लुधियाना के खाते में जमा करवाना था। पहली ई टेंडरिंग में रखी गई शर्ताें मुताबिक कंपनी ने अभी तक जनवरी 2022 तक करीब 100 करोड़ से अधिक राशि सरकारी खाती में डालनी थी। लेकिन कॉविड दौरान उक्त कंपनी की ओर से बिजनेस न मिलने की बात कह अदायगी की किश्त में कुछ राहत की प्रपोजल तैयार बनाई गई। ये प्रपोजल पूरी एक प्लानिंग के तहत बनी और इसे आगे मूव करने के लिए ऊपर तक मंत्रियों व आईएएस लॉबी का सहारा लिया गया। जिसमें तत्कालीन लोकल गर्वमेंट के मंत्री, लोकल बॉडी डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी- डायरेक्टर और लीगल सेल के अधिकारी भी शामिल थे। मजेदार बात है कि पूरा खेल सेटिंग का था, इसलिए लीफ बेरी कंपनी को राहत कोविड काल की नहीं, ब्लकि हमेशा के लिए दे दी गई और सालाना 25 करोड़ रुपए सरकारी आमदन को कम कर 4 करोड़ रुपए कर दिया गया। इस पूरे तानेबाने को सैट करने के लिए कंपनी की ओर से डैड साइटस नगर निगम को सरैंडर कर दी गई और लगभग आधा मीडिया छोड़ दिया गया। कहने का मतलब हडडी नगर निगम को दे दी गई और आम कंपनी ने अपनी टोकरी में भर लिए। कंपनी अपने कांट्रेक्ट के चार साल पूरे कर चुकी है और उसकी ओर से नगर निगम को मात्र 8 करोड़ रुपए ही जमा करवाया गया है। बड़ी बात है कि एक तरफ जहां नगर निगम के मेयर बलकार सिंह संधू कौंसलर चुनाव से पहले शहर की डेवलपमेंट को ₹100 का लोन लेने जा रहे हैं तो वही इस कंपनी पर मेहरबानी करते हुए 100 करोड़ रुपए की छूट दे दी गई। तत्कालीन कांग्रेस सरकार की उक्त कंपनी पर मेहरबानी यही पर खत्म नहीं होती, कंपनी नगर निगम को अपनी किश्त आसानी से चुका सके, इसके लिए सरकारी एडवरटाइजिंग चाहे पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह हाे या बाद के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी हों, की एड से पूरे शहर का मीडिया भर दिया। यानि सरकार के खजाने से ही नगर निगम की किश्त से अधिक का खर्चा निकाल लिया गया। एक उदाहरण के तौर पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना की ओर से अटल अपार्टमेंट स्कीम के तहत फलैट बेचने को उक्त कंपनी को एड दी, जिसके एवज में उक्त कंपनी ने दस लाख रुपए ट्रस्ट से निकलवाया। इतना ही नहीं सरकार की एड पूरे महीने भर पर बोर्ड पर रहेगी, इसकी जांच को कोई अफसर तक नगर निगम में नहीं है। कंपनी महीने की सरकारी एड़ को चाहे पांच दिन बाद उतार कर वहां पर प्राइवेट एड लगा दे तो इस गोलमाल पर निगरानी कौन करेगा। साइट पर एड लग गई है और ये सभी कुछ आनलाइन सिस्टम पर फोटो के जरिए शो किया जाता है और नगर निगम जो पैमेंट लेने से लेकर पूरी निगरानी का जिम्मा उठाने वाली सरकारी एजेंसी है, इस पूरे गोलमाल में अब तक चुप रही है। ----- इस पूरे मामले में हमने आज पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू की भी नब्ज टिटोलने को उनसे बात की । सवाल- आप का नाम लीफ बेरी कंपनी की हिस्सेदारी में क्यों जोड़ा जाता रहा है जबाव- सरकारी कागजों में ऐसा कुछ नहीं, इस बारे में आरोप लगाने वाले ही बता सकते हैं सवाल- लेकिन आपके बडे़ बडे़ बोर्ड तो पूरे शहर में रहते थे जबाव- जब सरकार सत्ता में हो और इस पॉवर में ये बोर्ड खुद ब खुद लग जाते हैं। सवाल- अब तो लीफ बेरी के मालिक हेमंत सूद के बिजनेस पार्टनर संजीव अरोड़ा आप के लिए राज्यसभा मैंबर बनने जा रहे हैं, इस बारे में क्या कहेंगे जबाव- लुधियाना के बिजनेस कारोबारी संजीव अरोड़ा राज्यसभा मैंबर बनने जा रहे हैं, अच्छी बात है, लेकिन अब इस बारे में भी जबाव जनता को ही देना होगा, मुझे जनता ने अपना जबाव दे दिया। सवाल- क्या अब कहे कि कांग्रेस पार्टी जाने के बाद जिनका नाम आपसे जुड़ता था, वो अब आम आदमी पार्टी के हो गए जबाव- आरोप लगाने वाले किसी भ्रम में हैं, लेकिन जिनका नाम पहले मेरे साथ जो लोग जोड़ते थे, अब उसे किसके साथ जोड़ेंगे। जहां तक आम आदमी पार्टी में इनके जाने की बात है, ये अब जनता तय करेगी। ------- क्या कहते हैं कंपनी के मालिक मैं इस कंपनी की डे टू डे एक्टीविटी में इन्वोलव नहीं हूं और न ही मैं इस कंपनी का डायरेक्टर हूं। कंपनी के बारे में कुछ भी कंपनी के डायरेक्टर बता सकते हैं। मेरी ओर से तो केवल एक इंवेस्टमेंट की गई है। हेमंत सूद, कंपनी मालिक ----- ये कंपनी आम आदमी पार्टी की हो जाएगी, ये पूरी तरह गलत है। सरकार कोई भी हो, कंपनी टेंडर की शर्ता मुताबिक काम कर रही है। जहां तक कोविड में कंपनी को किसी ने फायदा पहुंचाया या इसमें कोई गोलमाल हुआ, ये पूरी तरह गलत है। पूरे पंजाब की एडवरटाइजिंग कंपनियां कोविड दौरान अपने टेंडर सरेंडर करना चाहती थी और इसके लिए सरकार से मिली थी। जिसके बाद अन्य राज्यों में जिस तरह के फैसले लिए गए, उसी मुताबिक नया फार्मूला अपनाया गया। हमें भी वही मीडिया छोड़ने को कहा गया, जो पहले से बना बनाया था। हमें खुद इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर मीडिया लगाने की साइटस दी गई, वहीं नगर निगम के पास जो मीडिया सरेंडर किया गया है, उसे नगर निगम अपने स्तर पर लगा सकती है, हमारी ओर से कोई एतराज नहीं आएगा। क्यों कि हमसे ये एफिडेविट लिया गया है कि हम अपने मीडिया सरेंडर नहीं कर सकते। शविंदर संधू, कंपनी डायरेक्टर

Has The Advertising Company Leaf Berry Also Become The Favorite Company Of The Aam Aadmi Party



Sponsored advertisement Sponsored advertisement Sponsored advertisement Sponsored advertisement Sponsored advertisement Sponsored advertisement Sponsored advertisement

WebHead
Sponsored advertisement

Trending News

पीएम मोदी 27 जुलाई को नहीं करेगें हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, केंद्र स

पीएम मोदी 27 जुलाई को नहीं करेगें हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन, केंद्र स

2027 चुनाव को लेकर पंजाब बीजेपी में मतभेद, जाखड़ बोले- अकाली दल से गठबंधन हो, अश

2027 चुनाव को लेकर पंजाब बीजेपी में मतभेद, जाखड़ बोले- अकाली दल से गठबंधन हो, अश

लुधियाना का सबसे बड़ा एलिवेटेड रोड आज हुआ शुरू, 756 करोड़ की आई लागत

लुधियाना का सबसे बड़ा एलिवेटेड रोड आज हुआ शुरू, 756 करोड़ की आई लागत

ब्रेकिंग न्यूज - लुधियाना के कपड़ा कारोबारी के घर इनकम टैक्स की रेड, रियल एस्टेट

ब्रेकिंग न्यूज - लुधियाना के कपड़ा कारोबारी के घर इनकम टैक्स की रेड, रियल एस्टेट

पंजाब के 4 हाईवे अनिश्चितकाल के लिए बंद: किसान बोले- लिफ्टिंग शुरू होने तक नहीं

पंजाब के 4 हाईवे अनिश्चितकाल के लिए बंद: किसान बोले- लिफ्टिंग शुरू होने तक नहीं