रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ईओ कुलजीत कौर का पुलिस रिमांड 1 दिन और बढा दिया गया है। विजिलेंस की ओर से आज कुलजीत कौर को कोर्ट में पेश किया गया और विजिलेंस की ओर से इन्वेस्टिगेशन में मिले कई अहम सुराग के जरिए कुलजीत कौर के पुलिस रिमांड देने की बात कही गई, जिस पर उन्हें एक दिन का रिमांड और दे दिया गया।लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में अब बीआरएस नगर जे ब्लॉक के 100 गज और 64 गज मकानों की रजिस्ट्री ओ का मामला विजिलेंस ईओ विंग की जांच के दायरे में आ गया है। विजिलेंस की ओर से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में से जे ब्लॉक का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है और यहां की बहुत सी फाइलें अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इन फाइलों के अलावा विजिलेंस की ओर से डिस्पैच रजिस्टर और डायरी रजिस्टर को भी अपने कब्जे में लेकर कुछ शिकायतों में जांच की जा रही है। बताया जाता है कि इसी के चलते सेल ब्रांच के दोनों क्लर्क गगन और कुलदीप सिंह अंडर ग्राउंड बताए जा रहे हैं जबकि इसी ब्रांच का तीसरा क्लर्क प्रवीण कुमार ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल में है । सूत्रों के मुताबिक पिछले 3 सालों में बीआरएस नगर जी ब्लॉक में 100 और 64 गज के मकानों की रजिस्ट्री में बड़ा बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है । जिसमें कई मरे हुए लोगों के जाली आईडी प्रूफ तैयार कर मकानों की रजिस्ट्री करवा दी गई है। बताया जाता है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रॉपर्टी डीलर्स की भी बड़ी इंवॉल्वमेंट है। इसकी भनक उन तक भी पहुंच गई है और वह भी अंडर ग्राउंड बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि क्लर्को की ओर से रजिस्ट्री के लिए प्रति फाइल 50 हजार से एक लाख की रिश्वत ली जाती थी और इसके बाद ईओ से सेटिंग कर जाली आईडी प्रूफ के जरिए रजिस्ट्री को अंजाम दे दिया जाता था। बताया जाता है कि इसी तरह का गड़बड़झाला ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों में भी अंजाम दिया गया है यहां भी ट्रस्ट से प्रॉपर्टी पाने वाले एलोटी की डेथ हो चुकी है, और सालों से लटके ऐसी प्रॉपर्टीज को जाली आईडी प्रूफ के जरिए रजिस्ट्री करवा मोटे दाम पर आगे बेचा जा रहा है। --लुधियाना से लेकर चंडीगढ़ तक अफसरों में मची अफरातफरी कुलजीत कौर की गिरफ्तारी से लुधियाना ही नहीं बल्कि चंडीगढ़ तक अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है असल में कुलजीत कौर के चंडीगढ़ में भी लोकल गवर्नमेंट में कई अफसरों से अच्छा तालमेल था और बताया जाता है कि चंडीगढ़ स्तर के कई प्लाटों की अलॉटमेंट और बहाली सहित कई अन्य मामलों में कुलजीत कौर ही लेन-देन की सूत्रधार थी। इसके चलते चंडीगढ़ में लोकल गवर्नमेंट में बैठे कई अफसरों का नाम भी इस लंबी चल रही विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन में सामने आने की बातें भी कही जा रही है।
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