इंप्रूवमेंट ट्रस्ट एलडीपी घोटाले व ई आक्शन विवाद में पंजाब विजिलेंस ईओ विंग की ओर से पूर्व चेयरमैन रमण बाला सुब्रामनियम, ईओ कुलजीत कौर, पीए संदीप शर्मा, डीलिंग क्लर्क प्रवीण शर्मा, क्लर्क गगनदीप सिंह, एसडीओ अंकित नारंग पर हुई एफआईआर की गर्म हवाएं चंडीगढ़ बैठे लोकल गर्वमेंट अफसरों तक पहुंचने लगी है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ईओ कुलजीत कौर की ओर से पुलिस इंवेस्टीगेशन में चंडीगढ़ बैठे अफसरों की रिश्वत देने के बात कबूल चुकी है और इसी के चलते विजिलेंस की एफआईआर में कुलदीप सिंह सीनियर अस्सिटेंट, सुपरिटेंडेंट दिनेश कुमार व सीनियर अधिकारियों का नाम लिया गया है। लोकल गर्वमेंट की अफसरों की मुश्किलें यहीं कम नहीं होती, इसके बाद रमण बाला सुब्रामनियम की ओर से ड्रा में उन एलडीपी के ड्रा निकाल दिए जिन एलडीपी के बैनिफिशएली तक मर चुके हैं और इन मरें हुए जमीन मालिकों की पॉवर आटर्नी पर थर्ड पर्सन को प्लॉट अलॉट कर दिए। इस मामले में कोर्ट में लोकल गर्वमेंट के सेक्रेटरी तक का नाम उछल चुका है। सूत्र बताते हैं कि चंडीगढ़ में बैठे अफसरों को अब इस मामले में अपनी अपनी गर्दनें फंसती दिखाई दे रही है और इसी के चलते वे ये सीआईडी लेने में जुटे हैं कि अंदरखाते विजिलेंस अपनी कार्रवाई का क्या लाइन आफ एक्शन तय कर रही है। इसके लिए चंडीगढ़ बैठे आला अफसर अपने अपने राजनीतिक व पुलिस आधिकारियों के संपर्क में जा इस मामले में अपना बचाव करने में जुट गए हैं। गौर हो कि एलडीपी केसों की अलॉटमेंट को चंडीगढ़ में लोकल गर्वमेंट अफसरों की ओर से एक कमेटी बनाई गई थी और इसके बावजूद तत्कालीन सेक्रेटरी व डायरेक्टर की ओर से किस तरह से एलडीपी में पावर आटर्नी होल्डर के नाम पर अलॉटमेंट करने का आर्डर जारी कर दिया। असल में जिन ट्रस्ट अफसरों व पूर्व चेयरमैन की रिपोर्ट पर उनकी ओर से आर्डर जारी किया, वे इस मामले में विजिलेंस के घेरे में हैं।
Vigilance Fir Increased The Difficulties Of Local Government Officers Sitting In Chandigarh