आखिरकार पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनट्रीटेड डिस्चार्ज को सीवरेज में या जमीन के अंदर फैंकने वाली इंडस्ट्री पर कार्रवाई का दौर शुरु कर दिया है। पीपीसीबी की ओर से की गई अचनचेत चैकिंग में ग्यासपुरा स्थित हीरो स्टीलस लिमिटेड कंपनी में अनट्रीटेड डिस्चार्ज को सीधे सीवरेज में बाइपास करते पकड़ा है और अब उक्त कंपनी पर दस लाख रुपए का जुर्माना तो किया ही है, इसके साथ साथ उक्त इंडस्ट्री को बंद करने व बिजली कनेक्शन काटने के भी आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ साथ उक्त इंडस्ट्री का बिजली कनेक्शन भी अब तभी बहाल होगा, जब उसकी ओर से बैंक गारंटी के तौर पर 50 लाख रुपए भी जमा करवाया जाएगा। कंपनी की ओर से ये डिस्चार्ज एक पाइपलाइन के माध्यम से किया जा रहा था और देर रात में पीपीसीबी की चेकिंग में इस बाइपास को पकड़ा गया है। इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए पीपीसीबी के चीफ इंजीनियर गुलशन राय ने बताया कि पानी को प्रदूषित करने वाले इंडस्ट्री की जांच को नियमित चेकिंग दौरान हीरो स्टील्स में डायरेक्ट बाइपास का पाइप पकड़ा गया है। जिसके बाद इसकी तुरंत जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई और इसके बाद कंपनी पर सख्त एक्शन लिया गया है। उन्होंने बताया कि सुचारु तौर पर नियमित किया जा रहा है कि इंडस्ट्री तेजाबी पानी का ट्रीटमेंट कर रही है और यहां से गैर कानूनी ढंग से तेजाबी पानी सीवरेज में बाइपास तो नहीं कर रही । इसी के मददेजनर ये जांच अभियान शुरु किया गया है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में जल प्रदूषण के मामले को लेकर चिंतित है और जल प्रदूषण को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसलिए इस दिशा में काम करते हुए, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) पानी को प्रदूषित करने वाली इकाइयों पर नियमित रूप से औचक निरीक्षण कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शहर के सीवरेज सिस्टम में किसी भी उद्योग से कोई तेजाबी पानी बाइपास तो नहीं किया जा रहा। उद्योग को आसपास के इलाके में पर्यावरण सुधार के लिए 10 लाख रुपए खर्च करने को कहा गया है और उसी के लिए एक विस्तृत योजना भी तैयार हो रही है।
Hero Steels Fined Rs10 Lakh For Discharging Untreated Effluent Into Sewer